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भारत-श्रीलंका मछुआरा विवाद: पीएम मोदी की पहल पर 11 भारतीय मछुआरों की रिहाई
भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी कूटनीतिक ताकत और मानवीय दृष्टिकोण का परिचय दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के बाद श्रीलंका ने जेल में बंद 11 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया है। यह निर्णय पीएम मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच शनिवार को हुई द्विपक्षीय बातचीत के बाद आया।
पीएम मोदी ने उठाया मछुआरों का मुद्दा
शनिवार को हुई वार्ता में मछुआरों का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमने मछुआरों की आजीविका से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। हम इस बात पर सहमत हुए कि हमें इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।” उन्होंने मछुआरों और उनकी नावों की तत्काल रिहाई पर भी जोर दिया, जिसके बाद श्रीलंका ने सकारात्मक कदम उठाते हुए 11 मछुआरों को रिहा कर दिया।
भारत-श्रीलंका के बीच लंबे समय से चला आ रहा है विवाद
भारत और श्रीलंका के बीच मछुआरों को लेकर लम्बे समय से विवाद रहा है। खासकर पाक जलडमरूमध्य क्षेत्र में मछली पकड़ने के दौरान भारतीय मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कई बार तो इन पर बल प्रयोग के भी आरोप लगे हैं।
विदेश सचिव ने दी जानकारी
मीडिया ब्रीफिंग में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि मछुआरों के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच काफी विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा, “इन मुद्दों पर सहयोग के लिए मानवीय और रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है, क्योंकि ये खाड़ी के दोनों किनारों के मछुआरों की आजीविका को प्रभावित करते हैं।”
मछुआरा संघ की वार्ता पर विचार
विदेश सचिव ने यह भी बताया कि दोनों पक्षों ने इस मुद्दे पर संवाद को तेज करने और भारत-श्रीलंका मछुआरा संघ की अगली बैठक आयोजित करने पर सहमति जताई है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि हाल ही में हुई कुछ कार्रवाइयों पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि भारत न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि पड़ोसी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण रिश्ते बनाए रखने में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।



