नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को पत्र लिखकर कहा है कि प्रदेश में रोहित वेमुला अधिनियम लागू किया जाए। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा करने से वंचित वर्गों के किसी छात्र को जातिवाद का वो दंश नहीं झेलना पड़ेग। सांसद राहुल गांधी के इस आह्वान का कर्नाटक के सीएम सिद्धरमैया ने समर्थन किया है।
कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने एक्स पर पोस्ट कर घोषणा की है कि कर्नाटक सरकार जल्द से जल्द रोहित वेमुला अधिनियम पेश करेगी। उन्होंने लिखा कि मैं राहुल गांधी को उनके पत्र और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद देता हूं। हमारी सरकार कर्नाटक में रोहित वेमुला अधिनियम लागू करने के अपने संकल्प पर अडिग है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी छात्र को जाति, वर्ग या धर्म के आधार पर भेदभाव का सामना न करना पड़े।
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सिद्धारमैया ने कहा कि हम रोहित, पायल, दर्शन और अन्य लोगों के सपनों का सम्मान करने के लिए जल्द से जल्द यह कानून लाएंगे, जो सम्मान के हकदार थे न कि बहिष्कार के। उन्होंने कहा कि यह डॉ. बीआर अंबेडकर के समान, दयालु भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक कदम होग। कांग्रेस ने वादा किया था कि अगर वह केंद्र में सत्ता में आती है तो वह राष्ट्रीय स्तर पर रोहित वेमुला अधिनियम लागू करेगी।
हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र थे वेमुला
उल्लेखनीय है कि हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रहे रोहित वेमुला ने जनवरी 2016 में कथित जातिगत भेदभाव के कारण आत्महत्या कर ली थी। मई 2024 में तेलंगाना पुलिस ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें विवादास्पद रूप से कहा गया कि वेमुला की मौत के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है और वह दलित नहीं था। कांग्रेस सासंद राहुल गांधी ने कहा कि हाल ही में संसद में मेरी मुलाकात दलित, आदिवासी और ओबीसी समुदाय के छात्रों और शिक्षकों से हुई थी। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें किस तरह कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाति के आधार पर भेदभाव का सामना करना पड़ता है।



