ऑपरेशन सिंदूर’ पर विदेश दौरे की सूची
पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, कहा – मोदी सरकार की गंभीरता पर संदेह
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‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सीमापार आतंकवाद के ख़िलाफ भारत की अंतरराष्ट्रीय रणनीति के तहत सात प्रतिनिधिमंडलों को विदेश भेजे जाने की योजना को लेकर कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार देर रात उन नेताओं की पूरी सूची जारी की जो विभिन्न देशों का दौरा करेंगे। इस सूची में बीजेपी, कांग्रेस समेत अन्य दलों के नेताओं को शामिल किया गया है।

कांग्रेस का आरोप
सुझाए गए 4 में से केवल 1 नाम शामिल
कांग्रेस पार्टी ने राज्यसभा सांसद जयराम रमेश के हवाले से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि 16 मई की सुबह मोदी सरकार ने कांग्रेस से 4 सांसदों/नेताओं के नाम मांगे थे, जो विदेश भेजे जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल हो सकें। विपक्ष के नेता ने ये चार नाम दोपहर 12 बजे तक संसदीय कार्य मंत्री को लिखित रूप में भेज दिए थे।”
कांग्रेस के मुताबिक, ये चार नाम थे:
- आनंद शर्मा
- गौरव गोगोई
- डॉ. सैयद नासिर हुसैन
- राजा बरार
लेकिन 17 मई की देर रात जब प्रतिनिधिमंडलों की सूची जारी हुई, तो इनमें से केवल एक नाम को ही जगह दी गई।
कांग्रेस ने क्या कहा?
बयान में कांग्रेस ने कहा यह मोदी सरकार की गंभीरता की कमी और राष्ट्रीय मुद्दों पर उनकी घटिया राजनीतिक रणनीति को दिखाता है।”
हालांकि कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा चुने गए कांग्रेस के सांसद/नेता प्रतिनिधिमंडलों में भाग लेंगे और अपना योगदान देंगे।
शशि थरूर का नाम पहले नहीं था
दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस की ओर से दिए गए चार नामों में शशि थरूर का नाम शामिल नहीं था, बावजूद इसके वह अब अमेरिकी दौरे वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।
इस विवाद के बीच मोदी सरकार की ओर से कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है



