अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच मशहद में अमेरिकी हमले को लेकर बड़े दावे सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के गृह शहर मशहद में दो प्रमुख पुलों को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, खामेनेई को उनके गृह शहर मशहद में दफनाए जाने की तैयारियों के बीच यह हमला हुआ, जिसके बाद ईरान ने अमेरिका और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अंतिम संस्कार की व्यवस्थाओं को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है।
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इसी बीच मशहद के एक होटल पर लगे एक बैनर की भी चर्चा हो रही है, जिस पर कथित तौर पर “We will kill Trump” लिखा हुआ दिखाई दिया। इस घटना ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है।

दूसरी ओर, रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने भी अमेरिकी हितों को निशाना बनाने की कोशिश की है। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने आरोप लगाया कि ईरान ने व्यावसायिक जहाजों पर हमले फिर शुरू करके हालिया समझौते का उल्लंघन किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जहाजों की आवाजाही रोकने की कोशिश की, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा।
मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते तनाव के बीच पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान की अगली रणनीति पर टिकी हुई है, क्योंकि किसी भी बड़े सैन्य टकराव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल—क्या अमेरिका और ईरान के बीच यह टकराव पूर्ण युद्ध का रूप ले सकता है, या फिर कूटनीतिक प्रयास हालात को संभाल पाएंगे?



