भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती ताकत को और मजबूत कर दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन (Defence Production) रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। यह भारत के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा रक्षा उत्पादन आंकड़ा है और इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
15.6% की रिकॉर्ड ग्रोथ, 5 साल में दोगुने से ज्यादा हुआ उत्पादन
👉 यह भी पढ़ें:
- International Youth Day 2026: PM Modi ने युवाओं को बताया देश की सबसे बड़ी ताकत, संस्कृत श्लोक से दिया खास संदेश
- PM Modi ने लॉन्च की रामनाथ कोविंद की आत्मकथा, बोले- ‘मुश्किलों से टूटे नहीं, और मजबूत बने’
- Meta पर बढ़ा दबाव, PM Modi के वीडियो मामले में Zuckerberg ने मांगी माफी; जानिए पूरा विवाद
- Nasha Mukt Yuva Campaign: PM मोदी आज शुरू करेंगे 100 हफ्ते का देशव्यापी अभियान, 1 करोड़ से ज्यादा युवाओं की भागीदारी का लक्ष्य
- PM Surya Sarovar Yojana: ₹5,070 करोड़ की योजना को मंजूरी, पानी के ऊपर लगेगा सोलर पावर का बड़ा नेटवर्क
- Bhogapuram Airport: आज खुलेगा आंध्र प्रदेश का बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, कनेक्टिविटी को मिलेगा नया बूस्ट
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में रक्षा उत्पादन 1.54 लाख करोड़ रुपये था, जो एक साल में बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये हो गया। यानी महज एक वर्ष में 15.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
अगर 2020-21 से तुलना करें तो तस्वीर और भी चौंकाने वाली है। उस समय रक्षा उत्पादन 84,643 करोड़ रुपये था, जबकि अब यह 110 प्रतिशत बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
वहीं 2013-14 में भारत का रक्षा उत्पादन सिर्फ 43,746 करोड़ रुपये था। यानी एक दशक में यह लगभग चार गुना बढ़ गया है, जो भारतीय रक्षा उद्योग की तेजी से बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।

Rajnath Singh ने PM Modi को दिया श्रेय
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का परिणाम बताया।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि यह सफलता रक्षा उत्पादन विभाग, सरकारी कंपनियों और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में रक्षा निर्माण क्षेत्र और भी तेज गति से आगे बढ़ेगा।
Private Sector की बढ़ी ताकत, 42,000 करोड़ का रिकॉर्ड उत्पादन
इस बार रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भूमिका भी काफी मजबूत रही है।
कुल उत्पादन में सरकारी रक्षा कंपनियों (DPSUs और अन्य PSUs) की हिस्सेदारी लगभग 76 प्रतिशत रही, जबकि निजी कंपनियों का योगदान बढ़कर 24 प्रतिशत हो गया।
वित्त वर्ष 2025-26 में निजी क्षेत्र ने करीब 42,000 करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन किया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे साफ संकेत मिलता है कि भारत का रक्षा उद्योग अब केवल सरकारी कंपनियों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि निजी क्षेत्र भी तेजी से वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उतर रहा है।
Defence Export में भी बना नया रिकॉर्ड
रक्षा उत्पादन में बढ़ोतरी का असर निर्यात पर भी साफ दिखाई दिया है।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 38,424 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड रक्षा निर्यात (Defence Export) किया। भारतीय हथियार, रक्षा उपकरण और सैन्य तकनीक अब दुनिया के कई देशों तक पहुंच रही है, जिससे भारत एक बड़े रक्षा निर्यातक देश के रूप में उभर रहा है।
क्या भारत बनने जा रहा है Defence Superpower?
विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा उत्पादन और निर्यात में लगातार हो रही बढ़ोतरी भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में नई पहचान दिला सकती है। ‘Make in India’ और ‘Atmanirbhar Bharat’ जैसी नीतियों के कारण देश अब आयातक से निर्यातक बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
लेकिन बड़ा सवाल यह है—क्या भारत आने वाले वर्षों में दुनिया के शीर्ष रक्षा उत्पादक देशों की सूची में शामिल हो पाएगा? क्या भारतीय रक्षा उद्योग वैश्विक बाजार में अमेरिका, रूस और चीन जैसी बड़ी शक्तियों को चुनौती देने की स्थिति में पहुंच रहा है?
आपकी क्या राय है? क्या रक्षा उत्पादन और निर्यात में यह रिकॉर्ड बढ़ोतरी भारत को Defence Superpower बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताएं।



