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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रदेश के अकोरा खट्टक स्थित मदरसा दारुल उलूम हक्कानिया में जोरदार धमाका हुआ। इसमें कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। धमाका इतनी तेज था कि इसकी गूंज दूर–दूर तक सुनाई दी। इस हमले में जमीयत उलेमा–ए–इस्लाम–समी के प्रमुख मौलाना हमीदुल हक हक्कानी की भी मौत हो गई। वे तालिबान के जनक कहे जाने वाले मौलाना समीउल हक हक्कानी के बेटे थे।
खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस महानिरीक्षक जुल्फिकार हमीद ने पुष्टि की कि यह आत्मघाती हमला था और इसका निशाना मौलाना हमीदुल हक थे। उन्होंने स्थानीय मीडिया को बताया कि सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और विस्फोट के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। दारुल उलूम हक्कानिया मदरसा कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा के लिए कुख्यात है और इसे तालिबान नेताओं की शिक्षा का प्रमुख केंद्र माना जाता है। इस हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
सांसद भी रह चुका था हक्कानी
मौलाना हमीदुल हक हक्कानी सांसद भी रह चुका था। साल 2018 में अपने पिता मौलाना समीउल हक की हत्या के बाद वो जमीयत उलेमा–ए–इस्लाम–समी का प्रमुख बना था। उसके पिता, मौलाना समीउल हक को फादर ऑफ तालिबान कहा जाता था और वह अफगान तालिबान के कट्टर समर्थक थे। साल 1947 में स्थापित, दारुल उलूम हक्कानिया पाकिस्तान के सबसे प्रभावशाली इस्लामी मदरसों में से एक है। इसे मौलाना समीउल हक के पिता, मौलाना अब्दुल हक हक्कानी ने स्थापित किया था। हालांकि यह मदरसा हमेशा विवादों में रहा है।
पाकिस्तान के पीएम ने जताया शोक
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने घटना पर अफसोस जताया है। उन्होंने इस हमले को आतंकवाद के कायरतापूर्ण और जघन्य कृत्य करार दिया है। शहबाज शरीफ के ऑफिस से जारी बयान के मुताबकि सरकार नजर बनाए हुए है। पीएम शहबाज शरीफ ने कहा कि आतंकी हमले, आतंकवाद के खिलाफ हमारी कार्रवाई को रोक नहीं कर सकते। पाकिस्तानी गृह मंत्रालय ने एक्स पर लिखा कि हम, देश से सभी प्रकार के आतंकवाद को पूरी तरह से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दुश्मन, देश में अस्थिरता पैदा करने की घिनौनी साजिश रच रहा है। हम दुश्मन की हर साजिश को नाकाम कर देंगे।



