ट्रंप ने एंटीफ़ा को ‘आतंकवादी संगठन’ घोषित किया
सोशल मीडिया पर घोषणा
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ़ासीवादी-विरोधी समूह एंटीफ़ा (एंटी फ़ासिस्ट) को ‘आतंकवादी संगठन’ घोषित कर दिया। उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए दी।

ट्रंप का बयान
राष्ट्रपति ट्रंप ने पोस्ट में लिखा:
- मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैं एक खतरनाक और कट्टरपंथी वामपंथी संगठन, एंटीफ़ा को एक बड़े आतंकवादी संगठन के रूप में नामित कर रहा हूं।
- मैं यह भी सिफ़ारिश करूंगा कि एंटीफ़ा को फंड करने वालों की जांच उच्चतम क़ानूनी मानकों और नियमों के तहत की जाए।
एंटीफ़ा की विचारधारा
एंटीफ़ा से जुड़े लोग नव-नाज़ीवाद, नव-फ़ासीवाद, व्हाइट सुप्रिमेसिस्ट (गोरे लोगों की श्रेष्ठता की विचारधारा) और नस्लीय भेदभाव जैसी धुर-दक्षिणपंथी सोच के ख़िलाफ सक्रिय रहते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
- इस आंदोलन की जड़ें 1920 और 1930 के दशक के यूरोपीय फ़ासीवादी ताक़तों के ख़िलाफ हुए संघर्ष से जुड़ी मानी जाती हैं।
- शीत युद्ध के दौर और पश्चिम जर्मनी के अराजकतावादी आंदोलनों में भी एंटीफ़ा जैसी विचारधाराएं मौजूद थीं।
प्रदर्शन का तरीका
एंटीफ़ा प्रदर्शनकारी आमतौर पर काले कपड़े पहनते हैं।
- पहचान छुपाने के लिए वे मास्क या हेलमेट का इस्तेमाल करते हैं।
- इस रणनीति को “ब्लैक ब्लॉक” कहा जाता है, जिसके तहत वे भीड़ में अनजान लोगों की तरह एकजुट दिखाई देते हैं।
विरोध की रणनीति
एंटीफ़ा का मकसद अक्सर धुर-दक्षिणपंथी कार्यक्रमों और नेताओं के आयोजनों को बाधित करना और उनके खिलाफ आवाज उठाना होता है।



