तंज़ानिया में चुनाव बाद हिंसा: विपक्ष का दावा, सैकड़ों लोगों की मौत
तंज़ानिया की मुख्य विपक्षी पार्टी चडेमा का कहना है कि आम चुनाव के बाद देशभर में भड़की हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान गई है। पार्टी के मुताबिक, तीन दिनों तक चले विरोध प्रदर्शनों के दौरान करीब 700 लोग मारे गए, विपक्ष का आरोप है कि सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में भारी जनहानि हुई। दूसरी ओर, सरकार हिंसा की गंभीरता को कम करके दिखाने की कोशिश कर रही है और स्थिति को काबू में रखने के लिए कर्फ़्यू बढ़ा दिया गया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- INDIA Alliance में बड़ी टूट की आहट? Ramdas Athawale का दावा- Uddhav Thackeray से दूर हो रहे सांसद, क्या NDA में होगा बड़ा राजनीतिक खेल?
- Iran vs America: मध्य-पूर्व में भड़की जंग! अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा
- UN की बड़ी कार्रवाई: यौन हिंसा के आरोपों पर इजरायल और रूस ब्लैकलिस्ट, रिपोर्ट में गंभीर खुलासे
- CBSE मार्किंग पोर्टल पर बड़ा सवाल! कांग्रेस का दावा — हैकर के पास था ‘मास्टर पासवर्ड’, छात्रों के नंबर तक बदलने की थी पहुंच
- उत्तर प्रदेश में तूफान और बारिश का कहर: 74 लोगों की मौत, कई जिलों में मची भारी तबाही
- एक्शन में सुवेंदु : लाउडस्पीकर से लेकर चुनावी हिंसा तक, जारी किए कड़े आदेश
प्रदर्शन मुख्य रूप से नौजवानों द्वारा नेतृत्व किए जा रहे हैं, जो चुनाव को अनुचित और पक्षपाती बताते हुए सड़कों पर उतर आए। उनका कहना है कि सरकार ने विपक्षी नेताओं का दमन करके लोकतंत्र को कमजोर किया है।
बताया जा रहा है कि एक प्रमुख विपक्षी नेता जेल में बंद हैं, जबकि दूसरे को तकनीकी कारणों से चुनाव से बाहर कर दिया गया, जिससे राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन और उनकी पार्टी चामा चा मापिंदुज़ी (सीसीएम) की जीत की संभावना और मजबूत हो गई है।



