नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की रविवार को 92वीं जयंती मनाई जा रही है। मायावती ने जहां लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि दी, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक अलग ही राजनीतिक दांव खेल गए। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की है।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा कि मैं आशा करता हूं कि आप कुशल होंगे। आज जब हम कांशीराम जी की जयंती मना रहे हैं और उनके योगदानों को याद कर रहे हैं, तो मैं आपको यह पत्र उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न देने के अनुरोध के साथ लिख रहा हूं। राहुल ने लिखा कि कांशीराम जी ने भारतीय राजनीति के स्वरूप को बदल दिया। अपने आंदोलनों के माध्यम से उन्होंने बहुजनों और गरीबों के बीच राजनीतिक जागरूकता पैदा की। उन्होंने उन्हें याद दिलाया कि उनका वोट, उनकी आवाज और उनका प्रतिनिधित्व बहुत महत्वपूर्ण है और यह देश समान रूप से सबका है। उनके प्रयासों के कारण ही बहुत से लोग जिन्होंने कभी सार्वजनिक जीवन में आने के बारे में नहीं सोचा था, उन्होंने राजनीति को न्याय और समानता पाने के माध्यम के रूप में देखना शुरू किया।
👉 यह भी पढ़ें:
- World Environment Day: PM मोदी का बड़ा संदेश, ग्रीन इंडिया को लेकर कही अहम बात
- Subhash Kashyap Death News: PM Modi समेत देश के शीर्ष नेताओं ने जताया शोक
- सीबीएसई ऑन स्क्रीन मार्किंग विवाद पर राहुल गांधी और धर्मेंद्र प्रधान में भिड़ंत, दोनों ने एक-दूसरे पर किया जुबानी हमला
- पीएम मोदी ने दी बकरीद की मुबारकबाद, कहा- “देश में भाईचारा और खुशियां हों मजबूत”
राहुल गांधी ने लिखा कि हमारा संविधान हर भारतीय के लिए समानता, सम्मान और भागीदारी का वादा करता है। कांशीराम जी ने समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों के लिए इन वादों को सार्थक बनाने में अपना जीवन समर्पित कर दिया। ऐसा करके उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की नींव को मजबूत किया और हमारी राजनीतिक व्यवस्था को अधिक समावेशी और न्यायपूर्ण बनाया। राहुल ने कहा कि कई वर्षों से दलित बुद्धिजीवी, नेता और कार्यकर्ता कांशीराम जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग कर रहे हैं। उनकी यह मांग निरंतर और बहुत गहरी रही है। लोकसभा सांसद ने आगे लिखा कि हाल ही में मैं लखनऊ में एक कार्यक्रम में शामिल हुआ था। वहां भी लोगों ने यह मांग दुहराई। राहुल ने लिखा कि मरणोपरांत उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करना हमारे राष्ट्र के प्रति उनके अपार योगदान को एक सही पहचान देगा।


