मुंबई। महाराष्ट्र में शिवाजी की प्रतिमा गिरने पर सियासत जारी है। इस मामले में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री सहित सत्ताधारी अधिकांश नेताओं द्वारा माफी मांगने के बाद भी विपक्ष का विरोध जारी है। रविवार को एमवीए के घटक दलों ने हुतात्मा चौक से गेटवे ऑफ इंडिया तक मार्च का निकाला। उद्धव ठाकरे, शरद पवार सहित अन्य नेताओं ने भाजपा और महाराष्ट्र सरकार को जमकर कोसा।
शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गेटवे ऑफ इंडिया पर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के लोग महान योद्धा के अपमान को कभी माफ नहीं करेंगे। ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री किस बात के लिए माफी मांग रहे थे? उस प्रतिमा के लिए जिसका उन्होंने आठ महीने पहले उद्घाटन किया था? उसमें शामिल भ्रष्टाचार के लिए?
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शरद पवार ने भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया
एनसीपी नेता शरद पवार ने कहा कि शिवाजी महाराज की प्रतिमा का गिरना भ्रष्टाचार का एक उदाहरण है। यह सभी शिवाजी प्रेमियों का अपमान है। कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख नाना पटोले ने कहा कि प्रधानमंत्री के माफी मांगने से बहुत पहले ही विपक्ष ने ऐसी शिवाजी द्रोही सरकार को सत्ता में आने देने के लिए मराठा योद्धा से माफी मांगी थी। आगामी विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में उन्होंने कहा कि हमने संकल्प लिया है कि ऐसा दोबारा नहीं होगा।
सुबह करीब 11 बजे के बाद शुरू हुए मार्च में हिस्सा लेने वालों में शाहू छत्रपति, राकांपा (एसपी) नेता एवं बारामती की सांसद सुप्रिया सुले और विधायक अनिल देशमुख शामिल रहे। मार्च दोपहर में समाप्त हो गया। हुतात्मा चौक पर शिवाजी की एक आवक्ष प्रतिमा स्थापित की गई। विरोध मार्च में शामिल लोगों ने प्रतिमा ढहने की घटना की निंदा करने वाली तख्तियां लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सरकार के खिलाफ नारे लगाए।



