कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए कुछ ही दिनों मतदान होना है। इस बीच टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच जमकर ठन गई है। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने जहां चुनाव आयोग पर उन्हें भगाने का आरोप लगाया, वहीं चुनाव आयोग ने एक ट्वीट ने बवाल मचा दिया है।
उल्लेखनीय है कि टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने गया था। मुद्दा वोटर लिस्ट में से करीब 91 लाख लोगों के नाम काटे जाने का था। बाहर निकलकर टीएमसी सांसदों ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन्हें भगा दिया। डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि चुनाव आयोग ने कहा कि यहां से निकल जाओ। ठीक इसी समय चुनाव आयोग के एक्स हैंडल से हिंदी में एक पोस्ट किया गया। इसके बाद बवाल मच गया।
चुनाव आयोग के पोस्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके सहयोगियों की मुस्काराती हुई तस्वीर है। इसके साथ ही लिखा है-
चुनाव आयोग की तृणमूल कांग्रेस को दो टूक
पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव:
भय रहित,
हिंसा रहित,
धमकी रहित,
प्रलोभन रहित,
छापा रहित,
बूथ एवं सोर्स जामिंग रहित होकर ही रहेंगे।
इससे पहले टीएमसी सांसद ने लगाए थे आरोप
चुनाव आयोग के दफ्तर से निकलने के बाद सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने मीडिया से कहा कि मैं आपको बताना चाहता हूं कि 7 मिनट की मीटिंग में मुख्य चुनाव आयुक्त ने हमसे क्या कहा। उनके साथ डेलिगेशन में शामिल पार्टी के कई और नेता भी थे। डेरेक ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने हमसे कहा- Get Lost. आगे उन्होंने बगल में खड़े साथी सांसद से पूछा कि गेट लॉस्ट का हिंदी क्या होता है। जवाब मिला- निकल जाओ यहां से। उन्होंने आरोप लगाया कि इलेक्शन कमीशन ने आखिर में हमसे कहा निकल जाओ, तो हम निकल आए।
केजरीवाल बोले-इज्जत मत उछालिए
आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग के उस एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस को ‘दो टूक’ जवाब दिया है। आयोग की एक्स पोस्ट को रिपोर्ट करते हुए अरविंद ने लिखा कि अब ये कहने की भी ज़रूरत नहीं कि चुनाव आयोग सीधे बीजेपी से निर्देश लेकर और बीजेपी के अंडर में काम कर रहा है। ये अब जग ज़ाहिर है और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कम से कम ऐसी भाषा के ट्वीट करके इतने अहम संस्थान की इज्जत तो सरेआम मत उछालिये।


