इंदौर। विपक्ष के भारी हंगामे के बीच नगर निगम का 8 हजार 455 करोड़ रुपए का बजट मंगलवार को भारी हंगामे के बीच पारित हो गया। भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे से कल भागीरथपुरा के लोगों को लाकर हंगामा करने पर माफी मांगने की मांग की। इधर, बड़ा विवाद वंदे मातरम नहीं गाने पर हुआ। आज के हंगामे को देखने से यह साफ है कि कांग्रेस का मकसद सिर्फ हंगामा करना था।
आज सदन की कार्रवाई के दौरान कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया। इससे भाजपा पार्षद भड़क उठे। भाजपा पार्षद अपनी सीटों से उठकर सभापति के आसन के पास पहुंच गए। भाजपा पार्षदों ने जमकर नारेबाजी की और विरोध जताया। इस दौरान नारेबाजी चलती रही, जिससे सदन की कार्रवाही बाधित हुई। सभापति ने फौजिया शेख अलीम को सदन से बाहर जाने के निर्देश दिए। सभापति के निर्देश पर फौजिया शेख ने कहा कि उन्हें वह एक्ट दिखाया जाए, जिसमें वंदे मातरम गाना अनिवार्य बताया गया हो। हालांकि, कुछ देर बाद वे स्वयं ही उठकर सदन से बाहर चले गए।
फौजिया शेख ने कहा-धर्म इजाजत नहीं देता
फौजिया शेख ने बाद में कहा कि सदन में जो हुआ, वह उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि संविधान उन्हें इस तरह की छूट देता है। उनके अनुसार, इस्लाम में वे इस प्रकार से वंदे मातरम नहीं कह सकतीं और किसी को भी उन्हें इसे गाने के लिए मजबूर करने का अधिकार नहीं है।
रूबिना खान के विवादित बयान पर मचा हंगामा
वंदे मातरम गीत को लेकर चले आ रहे हंगामे को लेकर पार्षद रूबिना खान ने कहा कि अगर एक बाप की औलाद हो तो बुलवाकर दिखाओ। साथ ही पार्षद रूबिना खान द्वारा सभापति को मुन्ना भैया कहकर संबोधित करने पर सदन में विवाद खड़ा हो गया। इस पर भाजपा पार्षदों ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
चिंटू चौकसे ने इसे व्यक्तिगत राय बताया
नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने इस मामले पर कांग्रेस का पक्ष रखते हुए कहा कि पार्टी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के प्रति पूरी निष्ठा और ईमानदारी से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह किसी सदस्य की व्यक्तिगत राय हो सकती है, लेकिन कांग्रेस के लिए वंदे मातरम और जन गण मन सर्वोच्च हैं। इस विषय में प्रदेश अध्यक्ष को भी अवगत करा दिया गया है और आगे का निर्णय पार्टी स्तर पर लिया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष से माफी मांगने को लेकर हंगामा
मंगलवार को जब बजट पेश हुआ तो नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे भागीरथपुरा के लोगों को सदन में लेकर आए और जमकर हंगामा किया। चौकसे ने लोगों को पोस्टर-बैनर लेकर दर्शक दीर्घा में बिठा दिया था और जब दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी जा रही थी तब इशारा कर लोगों से हंगामा कराया। आज यानी बुधवार को भाजपा पार्षद चिंटू चौकसे से माफी की मांग करने लगे और इसको लेकर जमकर हंगामा हुआ। सदन में काफी देर तक माफी मांगो के नारे गुंजते रहे।
महापौर ने मानसिकता पर उठाए सवाल
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी कुछ लोग गुलामी की मानसिकता के कारण इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने पार्षद फौजिया शेख अलीम पर आरोप लगाया कि वे वंदे मातरम गाने से बचने के लिए जानबूझकर देर से सदन में पहुंचीं। महापौर ने आगे कहा कि इस पूरे मामले को लेकर उनकी पार्षदी से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा और आवश्यक कदम उठाने पर चर्चा की जाएगी।



