नई दिल्ली। एक्ट्रेस और भाजपा सांसद कंगना रनौत अक्सर अपने बयानों से विवादों में रहती हैं। इन बयानों ने कई बार भाजपा की मुसीबत भी बढ़ा दी है। एक दिन पहले ही उन्होंने वापस लिए गए कृषि कानूनों को फिर से लागू करने की वकालत की थी। हरियाणा चुनाव के बीच इस बयान से मुसीबत में पड़ी भाजपा ने अब उनके बयान से पल्ला झाड़ लिया है। भाजपा ने कहा है कि ये उनके निजी विचार थे। यहां सवाल यह है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की समझाइश के बाद भी कंगना आखिर क्यों नहीं मान रहीं? क्यों हरियाणा में भाजपा का नुकसान कराने में लगी हैं?
कंगना रनौत ने इससे पहले भी कई ऐसे बयान दिए हैं, जिससे भाजपा की मुसीबत बढ़ी है। कुछ समय पहले ही कंगना ने एक इंटरव्यू के दौरान जरनैल सिंह भिंडरावाले को एक संत नहीं बल्कि आतंकी करार दिया था। इसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सोम प्रकाश ने कंगना को ऐसी बयानबाजी से बचने का सुझाव दिया था। सोशल मीडिया पोस्ट पर उन्होंने कंगना को अनुशासन में रहने की सलाह दी थी।
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अब जबकि कंगना को पता है कि हरियाणा में किसानों का मुद्दा कितना अहम है, उन्होंने इसे फिर से भड़काने की कोशिश की है। यह सबको पता है कि किसान विरोधी आंदोलन में पंजाब और हरियाणा के किसान ही शामिल थे और कांग्रेस इसी मुद्दे पर भाजपा के खिलाफ माहौल बनाती आई है। अब कंगना ने कांग्रेस को एक और मौका दे दिया है।
कंगना को नड्डा ने दी थी चेतावनी
इससे पहले कंगना ने किसान आंदोलन को लेकर एक ऐसा बयान दिया था कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को उन्हें तलब करना पड़ा। कंगना ने कहा था कि किसान आंदोलन के दौरान रेप हो रहे थे। इस पर इतना बवाल मचा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को उन्हें तलब करना पड़ा। तब नड्डा ने कंगना को ऐसे बयानों से बचने की चेतावनी भी दी थी, लेकिन कंगना पर इसका असर नहीं पड़ा।
अब भाटिया को देनी पड़ी सफाई
अब कंगना के तीन निरस्त कृषि कानूनों को वापस लागू करने के बयान ने भाजपा की मुसीबत और बढ़ा दी है, क्योंकि कांग्रेस इसे लेकर हरियाणा में माहौल बना रही है। माहौल बिगड़ता देख भाजपा नेता गौरव भाटिया ने कंगना के बयान से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों पर दिया गया बयान उनका व्यक्तिगत विचार है। वे भाजपा की ओर से ऐसा बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। हम इस बयान को अस्वीकार करते हैं।
कंगना ने भी दिया जवाब
भाटिया के पोस्ट पर कंगना ने भी जवाब दिया है। गौरव भाटिया के एक्स पोस्ट को कोट करते हुए कंगना रनौत ने लिखा है कि बिल्कुल, कृषि कानूनों पर मेरे विचार व्यक्तिगत हैं। वह उन बिलों पर पार्टी के रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं।



