कोलकाता। शनिवार को पश्चिम बंगाल दिवस है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बगाल के तारकेश्वर पहुंचे थे। यहीं से उन्होंने किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपए ट्रांसफर किए। पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल दिवस के मौके पर लोगों को बधाई देते हुए कहा कि दशकों के कुशासन से बंगाल को मुक्ति मिली है।
पीएम मोदी ने बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनने पर खुशी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बंगाल की हवा में एक नई ताजगी है, मानो राज्य अब बेड़ियों से आजाद हो गया हो। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने बंगाल के विकास के लिए बहुत तेजी से काम करना शुरू कर चुकी है।
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गुलामी के दौर का किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि गुलामी के दौर में हमारे बंगाल ने क्या कुछ नहीं सहा, कितने बलिदान दिए, कितने त्याग सहे, 1946 में कोलकाता में हिंसा हुई थी, तब कितने निर्दोष बंगाली लोग उसकी भेंट चढ़ गए। बंगाल ने रक्तपात सहा, अपनों को खोया, अपनी मातृभूमि के टुकड़े होते देखे, लेकिन बंगाल ने अपनी अस्मिता और पहचान को नष्ट नहीं होने दिया। इसी का परिणाम था कि जब पूरे बंगाल को भारत से अलग करने की साजिश हो रही थी तब अलग पश्चिम बंगाल बनाकर उन मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया गया
बंगाल दिवस की अहमियत बताने की जरूरत
पीएम मोदी ने कहा कि आज की पीढ़ी को हमें बार-बार पश्चिम बंगाल दिवस की अहमियत बताने की जरूरत है। उस दौरान क्या हुआ था यह युवा पीढ़ी को जानने की जरूरत है, जब पूरे बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की कोशिश हो रही थी तो कांग्रेस उन षड्यंत्रकारियों के सामने घुटने टेक रही थी। यही वह समय था जब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसके खिलाफ आवाज उठाई। अप्रैल 1947 में उन्होंने ऐतिहासिक रिसॉल्यूशन पास कराया। उन्होंने घोषणा की कि पूरा बंगाल पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनेगा, इसके लिए बंगाली-हिंदू होमलैंड मूवमेंट शुरू किया गया।
पहली बार 20 जून को मना ‘बंगाल दिवस’
टीएमसी शासनकाल में पोईला बैशाख (बांग्ला नववर्ष) को बंगाल दिवस मनाया जाता था, लेकिन शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने 20 जून को आधिकारिक ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ घोषित किया। 20 जून 1947 को ही बंगाल विधानसभा में विभाजन का प्रस्ताव पारित हुआ था। इसमें जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की बड़ी भूमिका थी। यही वजह है कि पीएम मोदी की इस जनसभा के लिए तारकेश्वर को चुना गया।
पीएम ने दी 820 करोड़ की सौगात
पीएम मोदी तारकेश्वर के बाबा तारकनाथ शिव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। यहां से उन्होंने बंगाल के लिए विकास का पिटारा खोल दिया। राज्य के लिए लगभग 820 करोड़ रुपए के मेगा पैकेज की घोषणा की। इसमें अकेले रेलवे बुनियादी ढांचे के लिए करीब 590 करोड़ रुपए आवंटित किये गये हैं।



