कोलकाता। पश्चिम बंगाल ममता बनर्जी को एक और तगड़ा झटका लगा है। उनके खासमखास पूर्व मंत्री ज्योति प्रिय मल्लिक ने टीएमसी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उनके अलावा सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब ने भी इस्तीफा दे दिया है।
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में भगदड़ मची हुई है। एक-एक सांसद, विधायक, महापौर तथा पार्टी के विभिन्न पदों पर बैठे नेता इस्तीफा देते जा रहे हैं। अब ममता बनर्जी के बेहद खास माने जाने वाले ज्योति प्रिय मल्लिक ने खराब सेहत का हवाला देते हुए टीएमसी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है।
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किडनी की बीमारी का दिया हवाला
मल्लिक ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में मेरी सेहत बहुत ज्यादा बिगड़ गई है।उन्होंने कहा कि मेरा ब्लड शुगर लेवल असामान्य रूप से बढ़ गया है और मैं किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा हूं। ऐसी स्थिति में पार्टी की जिम्मेदारियां संभालना नामुमकिन है। जब आप काम नहीं कर सकते, तो पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं है। कुछ ही दिन पहले ममता बनर्जी ने पार्टी में बड़ा फेरबदल करते हुए मल्लिक को दोबारा अपनी वर्किंग कमेटी में शामिल किया था।
ईडी ने किया था गिरफ्तार
ज्योति प्रिय मल्लिक पांच बार के विधायक रहे हैं और उत्तर 24 परगना जिले में पार्टी के सबसे मजबूत नेता माने जाते थे। वे 2011 से 2021 तक राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री और उसके बाद तीन साल तक वन मंत्री रहे। अक्टूबर 2023 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें कथित राशन वितरण घोटाले में गिरफ्तार किया था। वे 15 महीने जेल में रहने के बाद जनवरी 2025 में जमानत पर बाहर आए थे। इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा के देवदास मंडल ने ज्योति प्रिय मल्लिक को उनके गढ़ हाबड़ा सीट से 31,000 से अधिक वोटों के भारी अंतर से हरा दिया था।
सिलीगुड़ी के मेयर ने भी दिया इस्तीफा
विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी के महापौरों के इस्तीफे का सिलसिला भी चल रहा है। अब उत्तर बंगाल के कद्दावर टीएमसी नेता गौतम देब ने भी सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने निगम कमिश्नर को अपना इस्तीफा भेजा और तुरंत अपनी सरकारी गाड़ी और सुरक्षा छोड़ दी। इनसे पहले कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम और बिधाननगर की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती भी इस्तीफा दे चुकी हैं।



