सितंबर में बारिश का पूर्वानुमान: आईएमडी ने चेताया, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में बाढ़ का खतरा
मौसम विभाग (आईएमडी) ने सितंबर 2025 के लिए भारत में मौसम का अनुमान जारी किया है। अगस्त का महीना देशभर में भारी मानसूनी बारिश और बाढ़ के प्रकोप के साथ बीता, जिससे कई नए रिकॉर्ड टूटे।
👉 यह भी पढ़ें:
- Weather Alert Today: 16 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली का खतरा! क्या आपके राज्य में पहुंचने वाला है मानसून?
- भीषण गर्मी से मिलेगी राहत! 15 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 70 KM/H की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
- उत्तर प्रदेश में तूफान और बारिश का कहर: 74 लोगों की मौत, कई जिलों में मची भारी तबाही
- ईरान को ट्रंप की दो टूक चेतावनी, बोले — अब आया ‘फ्रीडम प्लस’ का दौर
- देशभर में मौसम का डबल अटैक: कहीं आंधी-बारिश का कहर, कहीं लू से तपेगा आसमान
- पश्चिमी विक्षोभ का असर: आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से बदला मौसम, कई राज्यों में अलर्ट
अगस्त में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
- उत्तर-पश्चिम भारत में अगस्त 2001 के बाद सबसे अधिक बारिश दर्ज हुई।
- इस क्षेत्र में औसत 265 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 1901 के बाद से 13वां सबसे अधिक आंकड़ा है।
- पूरे भारत में अगस्त में औसत 268.1 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य से 5% ज्यादा है।
- 1 जून से 31 अगस्त तक कुल 743.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 6% अधिक है।
- उत्तर-पश्चिम भारत ने जून से अगस्त के बीच कुल 614.2 मिमी वर्षा देखी, जो सामान्य से 27% ज्यादा रही।
उत्तर-पश्चिम और हिमालयी राज्यों पर असर
- पंजाब में दशकों की सबसे भीषण बाढ़ आई, हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि डूब गई।
- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बादल फटने, अचानक बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही हुई।
- जम्मू-कश्मीर में लगातार बादल फटने से सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचा।
दक्षिण भारत में भी रिकॉर्ड वर्षा
- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगस्त में 250.6 मिमी बारिश हुई, जो औसत से 31% अधिक है।
- यह 2001 के बाद तीसरा सबसे अधिक और 1901 के बाद आठवां सबसे भीगा अगस्त रहा।
- जून से अगस्त तक इस क्षेत्र में 607.7 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 9.3% अधिक है।
सितंबर का पूर्वानुमान
- पूरे देश में सितंबर में औसत से अधिक बारिश (109% से अधिक) होने की संभावना है।
- अधिकतर राज्यों में सामान्य या सामान्य से अधिक वर्षा होगी।
- हालांकि पूर्वोत्तर, पूर्वी भारत, सुदूर दक्षिण और सुदूर उत्तरी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।
- 1971 से 2020 के बीच सितंबर में औसत वर्षा 167.9 मिमी रही है।
चेतावनी
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने चेतावनी दी है कि:
- उत्तराखंड में भारी बारिश से भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाएं हो सकती हैं।
- दक्षिण हरियाणा, दिल्ली और उत्तर राजस्थान में सामान्य जीवन प्रभावित हो सकता है।
- छत्तीसगढ़ में महानदी के ऊपरी कैचमेंट क्षेत्रों में भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका है।
महापात्रा ने कहा कि उत्तराखंड से निकलने वाली नदियों का उफान निचले इलाकों के शहरों और कस्बों को प्रभावित कर सकता है, इसलिए सतर्कता बेहद ज़रूरी है।



