पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में सोमवार को अचानक मौसम ने करवट ले ली। कई क्षेत्रों में तेज आंधी-तूफान के साथ कहीं हल्की तो कहीं जोरदार बारिश हुई, जबकि कुछ जगहों पर धूल भरी आंधी और ओलावृष्टि भी देखने को मिली। इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं (40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा) और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।
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उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में 11 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई, वहीं कई जगहों पर हवाओं की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में ओले गिरने की खबरें भी सामने आई हैं।
इसके अलावा उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई है।
मौसम में आए इस बदलाव से अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी क्षेत्रों और पूर्वोत्तर भारत में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। वहीं विदर्भ, तटीय आंध्र प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और राजस्थान में तापमान 36 से 40 डिग्री के बीच रहा। सबसे अधिक तापमान तेलंगाना के आदिलाबाद में 45.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश में 6 मई तक और उत्तराखंड में 8 मई तक बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। इस दौरान गरज-चमक और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
मंगलवार को राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और बिहार में भी बारिश के आसार हैं। हालांकि इससे गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है।
दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र, जिसमें गाजियाबाद, नोएडा और हापुड़ शामिल हैं, वहां तेज आंधी, बिजली कड़कने और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।


