मसूरी आईएएस अकादमी में बोले राजनाथ सिंह-अहंकार आया तो कीमत कम हो जाएगी, ह्यूमैनिटी के साथ करें नेतृत्व

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मसूरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में आईएएस अधिकारियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सिविल सेवा केवल एक ट्रेनिंग मॉड्यूल नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए समर्पण का संकल्प है। उन्होंने अधिकारियों को सावधान करते हुए कहा कि पद चाहे कितना भी बड़ा हो, अहंकार आया, तो आपकी वैल्यू अपने आप खत्म हो जाएगी। उन्होंने सभी नवनियुक्त अधिकारियों से आग्रह किया कि वे ह्यूमैनिटी के साथ नेतृत्व करें और बेहतरीन सेवाएं दें।

रक्षा मंत्री ने कहा कि फाउंडेशन कोर्स केवल पढ़ाई का हिस्सा नहीं, बल्कि कुशल, सक्षम और करुणाशील शासन की नींव है। उन्होंने कहा कि अकादमी केवल प्रशासनिक प्रशिक्षण देती है, बल्कि जॉइंट सिविल मिलिट्री प्रोग्राम, इकोनॉमी और डेवलपमेंट, डिजास्टर मैनेजमेंट, क्लाइमेट चेंज, वूमेन इंक्लूजन और इंटेलिजेंसआधारित प्रशासन जैसे अनेक मूल्यवान कोर्सों के माध्यम से अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।

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आप केवल खुद के लिए नहीं, देश के लिए सोचते हैं

राजनाथ सिंह ने कहा कि आज का युवा उच्च वेतन वाली नौकरियों में जा सकता था, लेकिन सिविल सेवा चुनने वालों ने यह सिद्ध किया है कि उनकी प्रेरणा सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के लिए कुछ सार्थक करना भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का सामाजिक और आर्थिक ढांचा तेजी से बदला है। आईटी, इंजीनियरिंग, मेडिकल और सर्विस सेक्टर में नए अवसर बढ़े हैं। स्टार्टअप संस्कृति मजबूत हुई है, फिर भी सिविल सेवा का आकर्षण बरकरार है।

भारत का भविष्य तय करता है आईएएस

राजनाथ सिंह ने कहा कि अधिकारी केवल नीति तैयार करते हैं, बल्कि उसे धरातल पर उतारने का काम भी करते हैं, इसलिए उनका हर निर्णय भारत के भविष्य को प्रभावित करता है। अधिकारियों को सचेत करते हुए उन्होंने कहा कि सेवा काल में कई लोग रिश्वत देने की कोशिश करेंगे, लेकिन यदि आप दृढ़ हैं, तो इसे ठुकराकर जो संतोष मिलेगा, वह मां के सुख जैसा पवित्र होगा।उन्होंने प्रसन्नता जताई कि इस वर्ष की वैलिडिक्शन सेरेमनी में टॉप फाइव में तीन और टॉप 25 में 11 महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 2047 तक सिविल सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के बराबर होगी और कई महिलाएं कैबिनेट सचिव जैसे सर्वोच्च पद भी संभालेंगी।

सैनिकों की तरह हमेशा तत्पर रहें

राजनाथ सिंह ने कहा कि वे देश के हितों की रक्षा में अपनी अहम जिम्मेदारी समझें और कठिन परिस्थितियों में भी सैनिकों की तरह हमेशा तैयार रहें। उन्होंने दोहराया कि ऑपरेशन सिंदूर में प्रशासनिक मशीनरी और सेना ने बिना किसी बाधा के काम किया और जनता तक जरूरी जानकारी पहुंचाई, जिससे लोगों में भरोसा बढ़ा। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मौजूद आतंकवादी ठिकानों कोसंतुलित और स्थिति बढ़ाने वाले तरीकेसे नष्ट किया।

Ardhendu Bhushan
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Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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