नागपुर। नागपुर में हुई हिंसा के मामले में दर्ज एफआईआर से कई खुलासे हुए हैं। एफआईआर में माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के शहर अध्यक्ष फहीम शमीम खान को घटना का मास्टरमाइंड बताया गया है। उसकी अध्यक्षता में ही लोगों ने पुलिस स्टेशन पर भीड़ इकट्ठा की। इतना ही नहीं भीड़ ने एक महिला कांस्टेबल से अश्लील हरकत की कोशिश भी की।
उल्लेखनीय है कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के लोगों ने गांधी गेट के पास छत्रपति शिवाजी महाराज के पुतले के सामने औरंगज़ेब की कब्र के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इसके खिलाफ फहीम शमीम की अध्यक्षता में लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई। प्रदर्शनकारियों के लिखित आवेदन पर औरंगजेब के विरोध करने वाले 9 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। इस दौरान भीड़ में मौजूद लोगों को शांति बनाए रखने की हिदायत भी दी गई। बावजूद इसके इन लोगों ने शाम तकरीबन 4 बजे, छत्रपति शिवाजी पुतले के पास दंगा भड़काने के उद्देश्य से अपने धर्म के 400 से 500 लोगों को इकट्ठा किया। उन्हें बार बार स्पीकर से अनाउंसमेंट कर इसकी जानकारी कि उक्त भीड़ अवैध है और वे यहां एकत्र न हों तथा सुरक्षित रूप से अपने घरों को चले जाएं। इस भीड़ ने कुल्हाड़ी, पत्थर, लाठियां और अन्य खतरनाक हथियारों के साथ क्षेत्र में आतंक पैदा करने के इरादे से घातक हथियारों को हवा में लहराया। साथ ही लोगों में भय पैदा किया और धार्मिक दुश्मनी बढ़ाने के इरादे से सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने का काम किया।
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भीड़ ने किया था पुलिस पर हमला
इस घटना के दौरान भीड़ ने पुलिस पर घातक हथियार और पत्थरों से हमला किया। पेट्रोल बम फेंके। उनमें से कुछ ने अंधेरे का फायदा उठाकर आरसीपी दस्ते की एक महिला कांस्टेबल को अश्लील हरकत करने के इरादे से उनकी वर्दी और शरीर को छुआ। भीड़ ने अन्य महिलाओं के साथ भी यौन दुर्व्यवहार किया और उनका यौन उत्पीड़न किया।



