मध्यप्रदेश में नगर पालिका और नगर परिषदों के अध्यक्ष का चुनाव अब सीधे जनता करेगी, मोहन कैबिनेट का फैसला

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भोपाल। मध्यप्रदेश में अब नगरीय निकायों में अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष होगा। अब नगर पालिका परिषद और नगर परिषदों के अध्यक्ष का चुनाव सीधे वोट देकर किए जाएंगे। यह वर्ष 2027 से लागू होगा। मंगलवार को भोपाल में हुई कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगाई गई। इसके साथ ही स्क्रैप पॉलिसी सहित कई नीतियों को भी मंजूरी दी गई।

उल्लेखनीय है कि नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्षों को बारबार अविश्वास प्रस्तावों से बचाने के लिए उनके प्रत्यक्ष चुनाव की व्यवस्था लागू करने का कैबिनेट ने यह फैसला लिया है। इसीलिए नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश, 2025 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 19, 20(2), 32 से 35, 43, 45, 47, 55, 63 और 328 सहित कई धाराओं में संशोधन किया जाएगा। अध्यक्ष के प्रत्यक्ष चुनाव की यह नई व्यवस्था वर्ष 2027 के नगरीय निकाय चुनाव से लागू होगी। तब जनता अपने मताधिकार का उपयोग करते हुए सीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से पारदर्शिता बढ़ेगी।

पुरानी गाड़ियों के लिए स्क्रैप नीति

कैबिनेट बैठक में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को घटाने के लिए स्क्रैप नीति की मंजूरी भी दी गई। बीएस-1 और बीएस-2 गाड़ियों को स्क्रैप करने के लिए अधिक प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है। अब अधिकृत स्क्रैपिंग संस्था को इंडस्ट्री की तरह ही सुविधाएं मिलेंगी। जो वाहन मालिक अपनी पुरानी गाड़ी स्क्रैप करेंगे, उन्हें नई गाड़ी खरीदते समय मोटर रियायत में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा

17 सितंबर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से लेकर 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री जिलों का दौरा करेंगे और कार्यक्रमों में शामिल होकर योजनाओं की समीक्षा करेंगे। बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए कि 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा सप्ताह में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें और आमजन से मिलकर कार्य करें। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धार जिले के बदनावर में पीएम मित्रा का भूमिपूजन और अन्य कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगे।

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