इंदौर। राऊ-रंगवासा स्थित भूतनाथ मंदिर का विवाद और गहराता जा रहा है। मंदिर से जुड़े लोगों ने जहां कॉलोनाइजर और कारोबारी संजय अग्रवाल पर मंदिर की जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया है, वहीं अग्रवाल ने इससे इनकार किया है। विवाद इतना बढ़ गया है कि अब प्रशासन 1925 के खसरे के हिसाब से नपती कराने की तैयारी कर रहा है।
नखराली ढाणी में भी है कब्जा
प्रशासन के सूत्र बताते हैं कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस इलाके की कई सरकारी जमीनों पर संजय अग्रवाल का कब्जा है। प्रशासन को आशंका है कि सिर्फ मंदिर की जमीन ही नहीं, नखराली ढाणी के निर्माण में भी जमीनों पर कब्जा किया गया है। सूत्र बताते हैं कि प्रशासन मंदिर की शिकायत के बाद अब पुराने खसरे से नपती की तैयारी कर रहा है।
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कलेक्टर वर्मा से हुई थी शिकायत
पिछले दिनों मंदिर से जुड़े रविन्द्र पाटीदार कलेक्टर शिवम वर्मा के पास पहुंचे थे और कहा कि कॉलोनाइजर संजय अग्रवाल फर्जी तरीके से मंदिर की जमीन पर कब्जा कर लिया है और आने-जाने का रास्ता भी बंद है। दूसरी तरफ संजय अग्रवाल का कहना है कि यह जमीन उनके ट्र्स्ट की है। इस मामले में कलेक्टर ने कहा है कि वे दस्तावेजों की जांच कर कार्रवाई करेंगे।
2025 में मंदिर का खसरा बदला
रविन्द्र पाटीदार का कहना है कि राऊ में बाबा भूतनाथ का मंदिर अति प्राचीन है। यह खसरा नंबर 682 पर था। कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से यह मंदिर 682 नंबर खसरे से उठ कर 654/2/3 पर चला गया। हमने 2006 की टीएनसी निकलवाई, उसमें कहीं भी मंदिर नहीं पाया गया। वहीं 2025 में वह मंदिर उस खसरे में कैसे चला गया। यह संजय अग्रवाल का प्राइवेट खसरा है। रविन्द्र पाटीदार ने कहा कि हमने कलेक्टर साहब को समस्या बताई है। मंदिर पर आने-जाने वाला मार्ग बंद पड़ा है। मंदिर का रास्ता खुलवाया जाए। पाटीदार ने कहा 682 नंबर शासकीय तालाब की पाल है।
संजय अग्रवाल ने कहा था-जमीन उनके ट्रस्ट की
इस मामले में कॉलोनाइजर संजय अग्रवाल ने कहा था कि जमीन उनके ट्रस्ट की है। रजिस्ट्री मेरे नाम से है, बंटाकन मेरे नाम से है। हमारे ट्रस्ट में11 ट्रस्टी हैं। हमने कोई रास्ता बंद नहीं दिया है। हमने रंगवासा गांव के अंदर से रास्ता दिया है। लोग वहां दर्शन करने आते हैं।



