ग्वालियर। पीएम नरेंद्र की हत्या की बात कहने वाले कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री राजा पटेरिया ग्वालियर के एमपी-एमएलए कोर्ट से बरी हो गए हैं। 2022 में उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें यह कहते दिखाया गया था कि लोकतंत्र को बचाना है तो मोदी की हत्या के लिए तत्पर रहो। इसके बाद उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ था तथा दो महीने वे जेल में भी रहे थे।
उल्लेखनीय है कि 11 दिसंबर 2022 को पन्ना जिले के पवई में लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस में कांग्रेस की एक बैठक हुई थी थी। विवादित वीडियो इसी बैठक का था। वायरल वीडियो में पटेरिया देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने के लिए तैयार रहने जैसा बयान देते दिखाई दिए थे। अगले ही दिन पटेरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई थी। करीब एक सप्ताह बाद पवई पुलिस ने दमोह जिले से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। 2 माह 18 दिन जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिली।
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पटेरिया के वकील संजय शर्मा के अनुसार ग्वालियर एमपी एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश धीरेंद्र सिंह परिहार ने इस मामले पर अंतिम सुनवाई करते हुए पूर्व मंत्री पटेरिया को दोष मुक्त करार दिया है। विशेष न्यायाधीश धीरेंद्र सिंह परिहार ने अपने आदेश में कहा है कि प्रकरण के किसी भी प्रत्यक्षदर्शी गवाह ने 11 दिसंबर 2022 को पवई स्थित विश्राम गृह में दोपहर 12 बजे के बीच प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ टिप्पणी करते हुए पटेरिया को नहीं सुना था। पुलिस ने उस वीडियो की जांच भी नहीं कराई थी।



