कर्बला मैदान के मेले पर रार : महापौर के इनकार के बाद भी निगमायुक्त ने दी थी अनुमति, अब महापौर परिषद ने कर दी निरस्त

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इंदौर। कर्बला मैदान पर मुहर्रम पर लगने वाले मेले को लेकर इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के बीच ठन गई है। महापौर ने दो दिन पहले मेले की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, लेकिन निगमायुक्त ने गुरुवार को मेला कमेटी को अनुमति दे दी। इससे भड़के महापौर ने ताबड़तोड़ महापौर परिषद की वर्चुअल बैठक बुलाकर अनुमति निरस्त करवा दी।

महापौर परिषद की बैठक में फैसला

महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें यह जानकारी प्राप्त हुई की धोबी घाट पर ताजिए ठंडे करने के साथ ही मेला लगाने की भी अनुमति प्रदान की गई है। उक्त अनुमति के संबंध में मेयर इन काउंसिल की वर्चुअल मीटिंग आयोजित की गई। मीटिंग में निर्णय लिया गया कि विगत वर्ष स्थल पर ताजिये ठंडा करने के साथ ही मेला लगाने की अनुमति दी गई थी, किंतु आयोजको को जिन शर्तों पर अनुमति दी गई थी उन शर्तों का पालन नहीं किया गया और शर्तों का उल्लंघन किया गया। साथ ही मेले से संबंधित जो राशि जो निगम में जमा करनी थी वह भी जमा नहीं कराई गई उपरोक्त स्थिति और अनुभव को ध्यान में रखते हुए मेयर इन काउंसिल द्वारा वर्चुअल बैठक में निर्णय लिया गया कि धोबी घाट पर ताजिए ठंडा करने की केवल अनुमति दी जाए। जो मेला लगाने की अनुमति दी गई है उसे निरस्त किया जाए।

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निगम कमिश्नर ने दी थी मेले की अनुमति

गुरुवार को पता चला कि मेला कमेटी को निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने अनुमति दे दी है। इसकी जानकारी शायद महापौर पुष्यमित्र भार्गव को नहीं थी। मेला कमेटी के सदस्यों ने इसकी जानकारी मीडिया को दी। गुरुवार 25 जून को मो.अब्दुल हमीद नियारगर अध्यक्ष वक्फ इंतेजामिया कमेटी के नाम से नगर निगम ने अनुमति पत्र जारी किया है। अपर आयुक्त मार्केट की तरफ से जारी इस पत्र में तीन दिन के मेले के लिए  1,36, 007 रुपए जमा कराने को कहा गया था।

पहले महापौर ने अनुमति से किया था इनकार

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दो दिन पहले कहा था कि धोबी घाट की जमीन निगम के स्वामित्व की है। कोर्ट ने सितंबर 2024 में ही इस पर मुहर लगा दी थी। कोर्ट ने फैसले में स्पष्ट किया है कि 0.02 एकड़ जमीन पर ताजिए ठंडे करने की अनुमति रहेगी, शेष जमीन निगम की है। निगम अब तक मेले की अनुमति देता था, लेकिन इस बार हमने कई कारणों से तय किया है कि मेले के लिए जमीन देने सही नहीं है।

वर्ष 2024 में जीता था निगम

धोबी घाट की 6.7 एकड़ जमीन को लेकर लंबे समय कोर्ट में विवाद चला। सितंबर 2024 में जिला कोर्ट ने मामले में फैसला सुनाते हुए साफ किया था कि यह जमीन नगर निगम के स्वामित्व की है। कोर्ट ने इस 6.7 एकड़ जमीन में से सिर्फ 0.02 एकड़ जमीन ताजिए ठंडा करने के लिए होने की बात कही थी। कोर्ट ने फैसले में स्पष्ट किया था कि 0.02 एकड़ जमीन पर ताजिए ठंडे करने की अनुमति रहेगी, शेष जमीन इंदौर नगर निगम की है।

Harish Fatehchandani
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Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

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