देशभर में LPG Price Hike ने एक बार फिर कारोबारियों और आम लोगों का ध्यान खींच लिया है। 1 जून से कमर्शियल गैस सिलेंडर की प्राइस में बड़ा इजाफा किया गया है। भारत की सबसे बड़ी सरकारी रिफाइनिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 42 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है।
इसके साथ ही 5 किलो वाले फ़्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी 11 रुपये बढ़ा दी गई है। नई दरों के बाद दिल्ली में 19 किलो का कॉमर्शियल सिलेंडर 3113.50 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि 5 किलो वाला सिलेंडर अब 821 रुपये में मिलेगा।
👉 यह भी पढ़ें:
- Petrol Diesel Price Update: 1 जून से लागू होगा नया एक्सपोर्ट टैक्स, जानिए आपकी जेब पर पड़ेगा कितना असर
- महंगाई का नया झटका: पेट्रोल-डीजल के बाद अब सीएनजी भी हुई महंगी, 11 दिनों में 6 रुपये बढ़े दाम
- पीएनजी इस्तेमाल करने वालों के लिए बुरी खबर, सरकार ने जारी किया आदेश, अब नहीं खरीद पाएंगे एलपीजी सिलेंडर
- महंगाई की नई मार: कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगे, होटल-रेस्टोरेंट पर बढ़ेगा बोझ
हालांकि फिलहाल घरेलू सिलेंडरों के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह राहत लंबे समय तक बनी रहेगी?

इस बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने भरोसा दिलाया है कि सरकार देश की फ्यूल सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए रणनीतिक भंडार तैयार कर रही है और ऊर्जा आपूर्ति को लगातार बनाए रखने पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जमाखोरी और कृत्रिम संकट पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।
वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच यह बढ़ोतरी कई नए सवाल खड़े कर रही है। क्या यह केवल कॉमर्शियल सिलेंडरों तक सीमित रहेगा या आने वाले महीनों में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को भी महंगाई का सामना करना पड़ सकता है?
आपकी क्या राय है? क्या सरकार को घरेलू और कमर्शियल दोनों गैस सिलेंडरों की कीमतों पर अधिक नियंत्रण रखना चाहिए, या अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से कीमतें तय होना उचित है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।


