यूएन महासभा में अर्दोआन का भारत-पाकिस्तान जिक्र, ट्रंप ने लिया संघर्ष खत्म कराने का श्रेय
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैय्यप अर्दोआन ने अपने संबोधन में भारत और पाकिस्तान का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हम पिछले अप्रैल में पाकिस्तान और भारत के बीच संघर्ष में बदल चुके तनाव के बाद हुए युद्धविराम से खुश हैं… हमें उम्मीद है कि कश्मीर का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर, कश्मीर में हमारे भाइयों और बहनों के हित में, बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा।” अर्दोआन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अक्सर पाकिस्तान के समर्थन में खड़े रहते हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- Indus Water Treaty: सिंधु जल संधि पर भारत के सख्त रुख से पाकिस्तान में बढ़ी बेचैनी, पाक मंत्री की ‘हाथ काट देंगे’ वाली धमकी चर्चा में
- India-Pakistan Tension: राजनाथ सिंह का बड़ा ऐलान! “आतंक के संरक्षकों तक नहीं पहुंचेगा सिंधु का पानी”, पाकिस्तान को सीधी चेतावनी
- मेरी मध्यस्थता नहीं होती तो शरीफ की जान को हो सकता था खतरा — कांग्रेस में ट्रंप का भारत-पाक पर बड़ा दावा
- भारत–पाक T20 वर्ल्ड कप महामुकाबले पर बारिश का खतरा, कोलंबो का मौसम बढ़ा सकता है रोमांच
- भारत–पाकिस्तान महामुकाबला तय! टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कब, कहां और कैसे देखें LIVE?
- भारत-पाक महामुकाबले पर संकट: टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले आईसीसी के सामने पाकिस्तान की तीन शर्तें

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने भाषण में दावा किया कि बीते सात महीनों में उन्होंने लगभग सात ‘असम्भव’ युद्धों को खत्म कराया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इसी साल मई में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर और उससे उपजे भारत-पाकिस्तान तनाव को “युद्ध” बताते हुए एक बार फिर सीजफायर का श्रेय लेने की कोशिश की। इसके अलावा उन्होंने इजराइल -ईरान और अन्य संघर्षों को शांत कराने में भी अपनी भूमिका पर जोर दिया।
भारत की ओर से इस सत्र में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली और सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा जैसी कई वैश्विक हस्तियां भी मौजूद हैं। आने वाले दिनों में सभी नेता अपने-अपने देशों का पक्ष रखेंगे।



