कच्छतीवु द्वीप: कांग्रेस ने मोदी व विदेश मंत्री जयशंकर के रुख़ पर उठाए सवाल
कच्छतीवु द्वीप को 1974 में श्रीलंका को सौंपने के भारत सरकार के फैसले पर दाखिल एक आरटीआई आवेदन का जवाब आने के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को इस द्वीप के श्रीलंका के पास चले जाने के मामले को उठाते हुए तत्कालीन कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार बताया था.इसके बाद कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं जयराम रमेश और पी चिदंबरम ने मोदी सरकार की नीयत पर सवाल उठाए.इन नेताओं ने मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान 2015 में इस बारे में दाख़िल एक अन्य आरटीआई आवेदन के जवाब का ज़िक्र किया.कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 2015 में विदेश सचिव रहे और अब विदेश मंत्री एस जयशंकर को घेरा.
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सोशल मीडिया साइट एक्स पर उन्होंने लिखा, मौजूदा विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर, क्या 27 जनवरी 2015 को विदेश मंत्रालय के जवाब को नकार रहे हैं, जब वह विदेश सचिव थे?पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने भी 2015 के उसी आरटीआई रिप्लाई का सहारा लेकर विदेश मंत्री जयशंकर पर सवाल खड़े किए हैं.उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, उस रिप्लाई में उन हालात का ज़िक्र करते हुए भारत ने स्वीकार किया कि एक छोटा द्वीप श्रीलंका का है. विदेश मंत्री और उनका मंत्रालय अब कलाबाजी क्यों कर रहे हैं?



