प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 10 साल: पीएम मोदी ने लाभार्थियों से की बातचीत, विपक्ष पर भी कसा तंज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के 10 साल पूरे होने के अवसर पर देशभर से आए लाभार्थियों से अपने निवास पर विशेष बातचीत की। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों के अनुभवों को जाना और योजना के प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मैंने पूरे भारत से मुद्रा लाभार्थियों को अपने निवास पर आमंत्रित किया था। उन्होंने इस योजना से उनके जीवन में आए बदलावों के बारे में रोचक जानकारी साझा की।”
बिना गारंटी के 33 लाख करोड़ का कर्ज
प्रधानमंत्री ने बताया कि अब तक मुद्रा योजना के अंतर्गत देश के नागरिकों को 33 लाख करोड़ रुपये का जमानत-मुक्त ऋण प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने विपक्ष पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि “अखबारों में पढ़ते हैं कि यह अमीरों की सरकार है, लेकिन सच्चाई यह है कि 33 लाख करोड़ रुपये देश के आम लोगों को दिए गए हैं।”
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास
पीएम मोदी ने कहा कि यह योजना उनकी तारीफ के लिए नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके भीतर के उद्यमी को प्रोत्साहित करने का माध्यम है। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना के ज़रिए सबसे ज़्यादा महिलाएं आगे आई हैं, जिससे समाज में बदलाव की लहर साफ दिख रही है।
सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर दिया ज़ोर
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सामान्यत: सरकारें केवल योजनाओं की घोषणा करके छोड़ देती हैं, लेकिन वर्तमान सरकार योजनाओं का मूल्यांकन भी करती है। “हम लाभार्थियों से फीडबैक ले रहे हैं, और अगर किसी सुधार की ज़रूरत होगी तो हम उसके लिए भी तैयार हैं,” उन्होंने कहा।
क्या है प्रधानमंत्री मुद्रा योजना?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का उद्देश्य देश में स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। इसके तहत भारत सरकार बिना किसी गारंटी के 20 लाख रुपये तक का लोन प्रदान करती है, जिससे लोग अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें।
योजना के अंतर्गत तीन श्रेणियों में ऋण प्रदान किया जाता है:
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शिशु कैटेगरी: ₹50,000 तक का लोन
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किशोर कैटेगरी: ₹50,001 से ₹5 लाख तक का लोन
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तरुण कैटेगरी: ₹5 लाख से ₹20 लाख तक का लोन


