नई दिल्ली। CBSE परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर मोदी सरकार ने अब सख्त एक्शन लिया है। CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया है। सीबीएसई की ‘ऑन- स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) प्रणाली में बड़े पैमाने पर हुईं कथित अनियमितताओं के बाद ये कदम उठाया गया है।
जांच कमेटी का भी गठन
CBSE की ओर से ऑन-स्क्रीन मार्किंग की प्रक्रिया में गड़बड़ी की जांच के लिए एक इंक्वायरी कमेटी का भी गठन किया गया है। यह कमेटी पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी। इस समिति की कमान कैपेसिटी बिल्डिंग कमिशन (CBC) की अध्यक्ष एस. राधा चौहान को सौंपी गई है। समिति को कामकाज में मदद देने की जिम्मेदारी भी कैपेसिटी बिल्डिंग कमिशन को ही सौंपी गई है। इस समिति को अपनी जांच पूरी करके एक महीने के भीतर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
👉 यह भी पढ़ें:
- CBSE चेयरमैन और सचिव के ट्रांसफर पर अरविंद केजरीवाल का रिएक्शन, मोदी सरकार के लिए कह दी बड़ी बात
- सीबीएसई ऑन स्क्रीन मार्किंग विवाद पर राहुल गांधी और धर्मेंद्र प्रधान में भिड़ंत, दोनों ने एक-दूसरे पर किया जुबानी हमला
- CBSE मार्किंग पोर्टल पर बड़ा सवाल! कांग्रेस का दावा — हैकर के पास था ‘मास्टर पासवर्ड’, छात्रों के नंबर तक बदलने की थी पहुंच
- अगले साल से दो बार होगी सीबीएसई 10 वीं की परीक्षा, पहली बार फरवरी में और दूसरी बार मई में मिलेगा मौका
स्टूडेंट और पैरेंट्स ने लगाए थे आरोप
छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि डिजिटल तरीके से कॉपियां जांचने के बाद जब रिजल्ट आया तो नंबरों के दोबारा मिलान (री-इवैल्युएशन) की प्रक्रिया में उन्हें सही और साफ जानकारी नहीं मिली। कुछ छात्रों का कहना है कि उन्होंने जितना अच्छा लिखा था, उन्हें उससे बहुत कम नंबर मिले, जबकि कुछ का तो यह भी दावा है कि उनके रिजल्ट में जो कॉपी जांची गई, वह उनकी थी ही नहीं। इसके अलावा कॉपियों के खराब स्कैन होने, कंप्यूटर पर जांच के दौरान तकनीकी खराबी आने, नंबर चढ़ाने में गलती होने और डिजिटल तरीके में कमियां ढूंढना मुश्किल होने जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं।


