शिमला में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही, हिमाचल में अब तक 200 से ज्यादा की मौत
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में देर रात से जारी भारी बारिश ने कई जगहों पर भारी नुकसान पहुंचाया है। पेड़ गिरने और भूस्खलन की घटनाओं से सड़कें बंद हो गईं और संपत्ति को नुकसान हुआ।
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शिमला में पेड़ गिरने से एक भवन की छत टूट गई और सड़क बंद हो गई। टूटी कंडी में आधा दर्जन से अधिक पेड़ गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और यातायात ठप हो गया। खालिनी में ढारा ढहने से छह मजदूरों की जान बाल-बाल बची। । हिमुडा कॉलोनी, विकास नगर में भी भूस्खलन से कार दब गई और पेड़ ढह गया।
मानसून सीजन का भारी नुकसान
20 जून से 11 अगस्त तक राज्य में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। 36 लोग अब भी लापता हैं। इन मौतों में 116 सड़क हादसों में हुईं।
कुल्लू और मंडी में खतरे की स्थिति
कुल्लू और मंडी जिलों के दो गांव भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं। मंडी के टनिपरी गांव में रविवार रात पहाड़ी में बड़ी दरारें पड़ने से नौ परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर भेजा। मणिकर्ण घाटी के बरशैणी पंचायत के शिल्हा गांव के नीचे लगातार भूस्खलन जारी है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका है।


