नई दिल्ली। महिला पहलवान विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। कोर्ट ने उन्हें आगामी एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दे दी है। इससे पहले कोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा था कि खेल संगठनों को बदले की भावना से नहीं, बल्कि खिलाड़ियों और खेल के हित में काम करना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह विशेषज्ञों की एक समिति गठित करे, जो विनेश फोगाट की फिटनेस का मूल्यांकन करेगी। इसी आधार पर उन्हें 30-31 मई को होने वाले एशियन गेम्स चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाएगी।
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मातृत्व को नुकसानदायक नहीं बनाया जा सकता
सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में मातृत्व का सम्मान किया जाता है और इसे किसी खिलाड़ी के करियर के खिलाफ इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा, ‘मातृत्व उत्सव है। इसे किसी खिलाड़ी के लिए नुकसानदायक नहीं बनाया जाना चाहिए।’ दरअसल, विनेश फोगाट जुलाई 2025 में मां बनी थीं और इसके बाद अब घरेलू प्रतियोगिताओं में वापसी की तैयारी कर रही हैं।
भारतीय कुश्ती महासंघ ने बताया था अयोग्य
भारतीय कुश्ती महासंघ ने हाल ही में विनेश फोगाट को 26 जून 2026 तक घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। महासंघ का तर्क था कि संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ी को यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत कम से कम छह महीने पहले नोटिस देना जरूरी होता है। डब्ल्यूएफआई के मुताबिक, विनेश ने यह अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी नहीं की, इसलिए वे घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने की पात्र नहीं हैं।



