👉 यह भी पढ़ें:
- पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाय कुरैशी ने एसआईआर पर उठाए सवाल, इस प्रक्रिया को लोकतंत्र से छेड़छाड़ बताया
- Mamata Banerjee: ममता बनर्जी ने जारी किया वीडियो संदेश-मुझे चुप कराना है तो मेरी जान लेनी होगी
- West Bengal Rape Murder Case: 12 साल की बच्ची के रेप-मर्डर का मुख्य आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर, Crime Scene Recreation के दौरान छीन ली थी राइफल
- West Bengal Politics: Baruipur Murder Case पर गरमाई सियासत, TMC का आरोप- ‘Mamata Banerjee को घर से निकलने से रोका’
- Haldia Petrochemical Fire: पश्चिम बंगाल के हल्दिया ,पेट्रोकेमिकल प्लांट में भीषण आग, कई लोग झुलसे, रेल सेवा प्रभावित
- West Bengal Politics: TMC नेता जहांगीर खान के बाद पत्नी रेजिना बीबी गिरफ्तार, विरोध प्रदर्शन से बढ़ा था तनाव, अब क्या होगा अगला कदम?
0:00 left
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सीएम मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक और पत्र लिखा है। ममता ने अपने पत्र में बंगाल में एसआईआर के दौरान कथित अनियमितताओं, प्रक्रियात्मक उल्लंघनों और प्रशासनिक खामियों पर चिंता जताई। सीईसी को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया से समझौता हुआ है, यह हमारे लोकतंत्र के मूल ढांचे और संविधान की भावना पर हमला है।
ममता ने लिखा है कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान देखी जा रही गंभीर अनियमितताओं, प्रक्रियात्मक उल्लंघनों और प्रशासनिक खामियों के संबंध में अपनी गहरी चिंता व्यक्त करने के लिए मैं एक बार फिर आपको पत्र लिखने के लिए विवश हूं। इन खामियों को तुरंत ठीक करें। ममता ने लिखा है कि मैं आपसे आग्रह करती हूं कि एसआईआर की इन खामियों को तुरंत ठीक करें या इस मनमानी, अनियोजित प्रक्रिया को रोकें। अगर इसे अपने वर्तमान स्वरूप में जारी रहने दिया गया, तो एसआईआर से बहुत ज्यादा नुकसान होगा, और बड़ी संख्या में मतदाताओं के वोट देने का अधिकार छिन जाएगा। जो कि लोकतांत्रिक शासन के मूलभूत सिद्धांतों पर सीधा हमला होगा। ममता ने लिखा है कि बंगाल में एसआईआर के दौरान चुनाव आयोग की देखरेख में किए गए किसी भी अवैध कार्य के लिए आयोग को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मौजूदा एसआईआर बिहार और दूसरे राज्यों में अपनाई गई प्रक्रिया से बिल्कुल अलग है।



