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नई दिल्ली। बांग्लादेश में चल रही हिंसा पर वहां से निष्कासित प्रसिद्ध लेखिका तस्लीमा नसरीन ने कड़ी प्रतिक्रयिा व्यक्त की है। नसरीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- बांग्लादेश में दो तरह के जिहादी हैं। एक तो दाढ़ी वाला, सिर पर टोपी पहनने वाला, मदरसों में शिक्षित जिहादी है, जबकि दूसरा पश्चिमी कपड़े पहनने वाला, विश्वविद्यालय की डिग्री प्राप्त जिहादी है।
तस्लीमान नसरीन ने कहा कि दोनों तरह के जिहादियों का उद्देश्य एक ही है, और वह है भारत के खिलाफ दुश्मनी। उनका सपना भी एक ही है– भारत के खिलाफ युद्ध करना और पाकिस्तान में बांग्लादेश का विलय करना। उन्होंने लिखा कि बांग्लादेश की शत प्रतिशत जनता अभी तक जिहादी नहीं बनी है। कई लोग अब भी स्वतंत्र विचार, प्रगतिवाद और धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखते हैं। इसीलिए देश को एक गैर–सांप्रदायिक, सभ्य राष्ट्र के रूप में पुनर्निर्मित करने का अवसर अभी भी मौजूद है। अगर बांग्लादेश और भारत के बीच सांस्कृतिक संबंध नष्ट हो जाते हैं तो जिहादी ही उभरेंगे। उन्होंने लिखा-नफरत और हिंसा से कोई समस्या हल नहीं होगी। नफरत का जवाब नफरत से नहीं देना चाहिए। अब और युद्ध नहीं होने चाहिए। क्रिकेट चलता रहे, रंगमंच और सिनेमा चलता रहे, संगीत चलता रहे, कपड़े और फैशन चलता रहे, पुस्तक मेले चलते रहें। इन्हें रोकने से शायद भारत को ज्यादा नुकसान न हो, लेकिन बांग्लादेश को बहुत नुकसान होगा।
खालिदा जिया के बेटे रहमान ने संभाला है मोर्चा
उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश में अगले कुछ दिनों में चुनाव होने वाले हैं। इस चुनाव में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग हिस्सा नहीं ले रही है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की मुखिया खालिदा जिया का निधन हो चुका है, उनके बेटे तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं। इन सबके बीच बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा जारी है।



