नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में पेपर लीक को रोकने के लिए लाए गए बिल पर चर्चा चल रही है। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वा़ड्रा ने सरकार पर जमकर हमला किया। प्रियंका ने कहा कि –पीएम को कैमरे का एंगल नहीं, दिल का एंगल बदलना होगा।
देश के युवाओं पर किसके कहने से हमला
प्रियंका गांधी ने कहा कि देश के युवाओं पर किसके कहने पर हमला किया गया। उन्होंने पूछा कि आखिर क्या जरूरत थी, बच्चों पर टीयर गैस छोड़ने की, लाठिंयां बरसाने की। बच्चे थे वे कोई आतंकवादी नहीं थे। कांग्रेस ने पूछा कि किसने आदेश दिया था बच्चों पर एके 47 और पेलेट गन से हमला करने की। पेलेट गन इस्तेमाल करने का ऑर्डर किसने दिया?…क्या प्रधानमंत्री ने दिया? क्या गृह मंत्री ने दिया? उन्हें जवाब देना चाहिए। पूरा देश पूछ रहा है।
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दस सालों में 152 पेपर हुए लीक
प्रियंका ने कहा कि इस सरकार ने रोजगार देने वाले सभी सेक्टर को लगातार कमजोर किया है। एग्जामिनेशन सिस्टम खुद फेल हो गया है। पिछले दस सालों में 152 पेपर लीक हुए हैं। करोड़ों स्टूडेंट्स पर असर पड़ा है, फिर भी एक भी दोषी, पेपर लीक माफिया के एक भी सदस्य को सजा नहीं मिली है।
एजुकेशन सिस्टम में संघ प्रचारक
प्रियंका वाड्रा ने कहा कि सरकार ने हमारे एजुकेशन सिस्टम को आरएसएस प्रचारकों से भरकर खोखला कर दिया है। उन्होंने एनटीए को जबरदस्ती बनाकर और सिस्टम को सेंट्रलाइज़ करके मामले को और मुश्किल बना दिया है। देश के कुल बजट में एजुकेशन बजट का हिस्सा साल दर साल बढ़ने के बजाय असल में घट रहा है।
आपके राज में नौजवानों के साथ अन्याय
प्रियंका ने प्रधानमंत्री से कहा कि आपके शासन के चलते नौजवान पीढ़ी के साथ घोर अन्याय हुआ है। इस सच्चाई को स्वीकार कीजिए। अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने से काम नहीं चलेगा। आदरणीय प्रधानमंत्री जी, आपको जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। ठोस कदम उठाने पड़ेंगे। पएम मोदी द्वारा जारी रील पर तंज कसते हुए प्रियंका ने कहा कि पीएम को कैमरे का नहीं बल्कि दिल का एंगल बदलना होगा।
पूर्व शिक्षा मंत्री के स्वागत पर उठाए सवाल
प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके साथी क्या सोच रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने शर्मनाक परिस्थितियों में इस्तीफा दिया और संसद में उनका ऐसा स्वागत किया गया, जैसे कोई सुपरस्टार आया हो। कल जब उन्हें मुकुट पहनाया जा रहा था, उसी समय महाराष्ट्र का एक परिवार अपनी बेटी की आत्महत्या का मातम मना रहा था। जहां शर्म होनी चाहिए, वहां बेशर्मी से स्वागत किया जा रहा है। ऐसे में कोई आप पर कैसे यकीन करे।



