मध्यप्रदेश पुलिस के नए मुखिया की तलाश शुरू, तीन नामों पर टिकी निगाहें

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भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस के अगले मुखिया को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। मौजूदा डीजीपी कैलाश मकवाना का कार्यकाल नवंबर 2026 में पूरा हो रहा है। इसे देखते हुए नए पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

पुलिस मुख्यालय से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम गृह विभाग को भेजे जाने के बाद अब यूपीएससी की प्रक्रिया पर निगाहें टिकी हैं। बताया जाता है कि वरिष्ठता और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर तैयार सूची में 1991 बैच के तीन अधिकारी—वरुण कपूर, उपेंद्र कुमार जैन और प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव—सबसे प्रमुख दावेदारों के तौर पर उभर रहे हैं।

वरिष्ठता में वरुण कपूर सबसे आगे

1991 बैच के आईपीएस अधिकारी वरुण कपूर वरिष्ठता क्रम में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। वे जेल महानिदेशक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और अप्रैल 2026 में सरकार ने उन्हें भोपाल संभाग का प्रभारी भी बनाया था। उनकी लंबी प्रशासनिक पारी और वरिष्ठता उन्हें स्वाभाविक दावेदार बनाती है। केंद्र की आधिकारिक आईपीएस सिविल लिस्ट में भी कपूर 1991 बैच के अधिकारी के रूप में दर्ज हैं। हालांकि डीजीपी की दौड़ में केवल वरिष्ठता ही निर्णायक नहीं होती। सेवा रिकॉर्ड, उपलब्ध कार्यकाल, फील्ड अनुभव और सरकार की पसंद जैसे कई पहलू अंतिम चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उपेंद्र जैन के नाम की भी चर्चा

डीजीपी की रेस में दूसरा बड़ा नाम उपेंद्र कुमार जैन का है। 1991 बैच के जैन फिलहाल आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) के डीजी हैं। इससे पहले वे पुलिस की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। अप्रैल में उन्हें उज्जैन संभाग की जिम्मेदारी भी दी गई थी। वरिष्ठता के साथ-साथ प्रशासनिक और फील्ड अनुभव को देखते हुए जैन का दावा मजबूत माना जा रहा है। कुछ रिपोर्टों में उन्हें मौजूदा परिस्थितियों में सबसे मजबूत दावेदारों में गिना गया है।

महिला नेतृत्व का फैक्टर प्रज्ञा ऋचा के पक्ष में

तीसरा महत्वपूर्ण नाम प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव का है। वे भी 1991 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और वरिष्ठता के लिहाज से शीर्ष दावेदारों में शामिल हैं। हाल के वर्षों में सरकार ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं। अप्रैल 2026 में उन्हें ग्वालियर संभाग का प्रभारी बनाया गया था। इस समय जिन तीन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, तीनों ही अधिकारियों को सरकार ने हाल के महीनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं। ऐसे में यदि सरकार के सामने महिला नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण का फैक्टर महत्वपूर्ण बनता है तो प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव की दावेदारी मजबूत हो सकती है।

यूपीएससी तय करेगा तीन नामों का पैनल

डीजीपी नियुक्ति की प्रक्रिया में राज्य सरकार द्वारा पात्र वरिष्ठ अधिकारियों के नाम यूपीएससी को भेजे जाते हैं। इसके बाद यूपीएससी की चयन प्रक्रिया के तहत तीन नामों का पैनल तैयार होता है और इन्हीं में से राज्य सरकार नए डीजीपी का चयन करती है। पिछली नियुक्ति में भी इसी प्रक्रिया के तहत तीन नामों का पैनल राज्य सरकार को मिला था और उसके बाद कैलाश मकवाना को डीजीपी नियुक्त किया गया था।

तीन नाम, तीन अलग समीकरण

फिलहाल मुकाबले को देखें तो वरुण कपूर की ताकत वरिष्ठता, उपेंद्र जैन की ताकत प्रशासनिक एवं फील्ड अनुभव और सरकार के साथ स्वीकार्यता, जबकि प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव की ताकत वरिष्ठता के साथ महिला नेतृत्व का फैक्टर माना जा रहा है। इसके अलावा पैनल में अन्य वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। पंकज कुमार श्रीवास्तव, आदर्श कटियार, जी अखेतो सेमा, अनिल कुमार, रवि कुमार गुप्ता, अनंत कुमार सिंह और अन्य अधिकारियों के नाम भी संभावित सूची में बताए जाते हैं।

Harish Fatehchandani
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