नई दिल्ली। लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर बहसस चल रही है। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश दिया। सदन में इस आरोप पर हंगामा मच गया। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा राहुल गांधी को हाउस में माफी मांगनी चाहिए, नहीं तो ऐसे सदन नहीं चल पाएगा।
राहुल ने कहा-गृह मंत्री डरे हुए हैं
राहुल गांधी ने कहा कि भारत के कथित गृहमंत्री को हिम्मत नहीं है कि यहां आएं और बैठें। मैंने उनकी कारकेड देखी। 30 गाड़ियां थीं। बुरी तरह से हिले हुए थे। गृहमंत्री डरे हुए हैं, इसलिए यहां नहीं हैं आज। बच्चों पर पैलेट मारे गए। उन्होंने आदेश दिया कि बच्चों को शॉक दिया जाए।
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राहुल के बयान पर भड़के किरेन रिजिजू
राहुल गांधी ने इस दौरान स्टूडेंट, इंडियट के साथ ही तीसरी कैटेगरी अंधभक्त का जिक्र किया। नेता प्रतिपक्ष के इतना कहते ही हंगामा शुरू हो गया। किरेन रिरिजू ने इसे सदन की कार्यवाही से हटाने की अपील की, जिसके बाद स्पीकर ने इसे हटा दिया। इसके बाद राहुल गांधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर ऐसा कमेंट किया जिस पर हंगामा हो गया। नेता विपक्ष के इस बयान पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू भड़क गए। उन्होंने कहा कि संसद में ये बहुत ही गलत बात कही जा रही है। किस आधार पर ये ऐसा बयान दे रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा-छात्रों का गुस्सा जायज था
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का गुस्सा जायज था। देश के युवाओं का सम्मान हो, वो सम्मान चाहते हैं। छात्रों के प्रदर्शन में नफरत या गुस्सा नहीं था। यही युवा हमारा भविष्य संवारेंगे। ऐसे में युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए चर्चा जरूरी है। बीजेपी नेताओं को ये बात समझनी चाहिए।
हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि मैं बहुत उत्साहित था और इस बात से आश्वस्त था कि देश के भविष्य ने हमारी सड़कों पर क्या किया। यह गुस्सा, हिंसा या नफरत नहीं थी। यह देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ी की भावनाओं की गहरी अभिव्यक्ति थी। मुझे लगता है कि सभी राजनीतिक दलों को, जिसमें भाजपा के मेरे साथी भी शामिल हैं, इस भावना का सम्मान करना चाहिए। मुझे पूरा यकीन है कि अगर भाजपा के मेरे साथी अपने बच्चों से पूछें कि उनके भाई-बहन जो कर रहे थे, उसके बारे में वे क्या सोचते हैं, तो उन्हें अपने बच्चों का भी समर्थन ही मिलेगा। जो हुआ है उसमें कुछ भी गलत नहीं है और हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए।
राहुल गांधी बोले- आरएसएस छात्रों की दुश्मन
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि एग्जाम का पूरा सिस्टम वसूली से भरा है। शिक्षा व्यवस्था पर आरएसएस का कब्जा है। हर बड़े पद पर आरएसएस को लोग बैठे हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने कभी शिक्ष मंत्रालय को चलाया ही नहीं। धर्मेंद्र प्रधान आरएसएस के मुखौटा थे। छात्रों ने साहस से आरएसएस का सामना किया। प्रधान नहीं, आरएसएस छात्रों की दुश्मन है।
हमारी शिक्षा व्यवस्था पहले ही क्रूर है
राहुल गांधी ने कहा कि कई लोगों को लगता है कि छात्रों को पेपर लीक की वजह से गुस्सा आया है। हमारी शिक्षा व्यवस्था पहले ही क्रूर है। लाखों रुपये गरीबों से लिए जाते हैं। हर चीज प्राइवेटाइज है। पेपर लीक, एक परीक्षा में कुछ होता है, दूसरे में कुछ। एक में रिएग्जाम होता है, दूसरे में नहीं होता है। यह एक बेहद खराब व्यवस्था है। यह सिस्टम और इसकी आत्मा को कब्जे में कर लिया गया है। इसे आरएसएस ने कब्जे में किया है।
शिक्षा में काफी पैसा सिर्फ एक परीक्षा में खर्च होता
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यह पूरा फ्रेमवर्क मुझे एक 18 साल की लड़की ने समझाया। लगता है कि हमारे जो छात्र-छात्राएं हैं वो एग्जाम के बारे में बात कर रहे हैं। वो शिक्षा प्रणाली के बारे में बात कर रहे हैं, वह शिक्षा की कॉस्ट के बारे में बात कर रहे हैं। यह काफी महंगा है। शिक्षा में काफी पैसा सिर्फ एक परीक्षा में खर्च होता है। उतना, जितना लगभग हमारा शिक्षा बजट में खर्च होता है।



