इंदौर। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत आज बुधवार को इंदौर प्रेस क्लब में केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। सुप्रिया श्रीनेत ने भारत-अमेरिका ड्रेड डील पर सवाल उठाए और भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई मौतों को सुनियोजित हत्या बताया।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि देश की आजादी के इतने साल बाद हम विकसित भारत की बातें कर रहे हैं, रोज इसकी माला जपी जाती है, लेकिन सरकार देशवासियों को साफ पानी तक नहीं दे पा रही है। सुप्रिया ने नोएडा और गुजरात में भी दूषित पानी से जुड़े मामले उठाए। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सरकार को जनता इसलिए चुनती है ताकि वे जनता के हितों का ध्यान रखें। इंदौर में हुई इन मौतों को लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या बताया और इस मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गरीब की मौत की कीमत केवल दो लाख रुपए तय की जाती है, लेकिन जनता का आक्रोश सरकार के प्रतिनिधियों तक नहीं पहुंचता। प्रदेश के मुख्यमंत्री और यहां के सांसद ने बस्ती का दौरा भी उचित नहीं समझा। सवाल पूछने पर लोगों को अपमानित किया जाता है।जल जीवन मिशन का जिक्र करते हुए सुप्रिया ने कहा कि इसके लिए 68 हजार करोड़ रुपये का बजट था, लेकिन केवल 17 हजार करोड़ ही खर्च किए गए। उनका आरोप है कि सरकार मूलभूत कामों में खर्च करने से बच रही है।
👉 यह भी पढ़ें:
- महापौर जी, चार साल बाद समझ आया, क्यों नहीं होते जनता के काम, अधिकारी नहीं सुनते तो आप क्या कर रहे थे?
- इस बार अक्टूबर में ही बोरिंग पर बैन, कलेक्टर ने जारी किए आदेश, क्या मानेंगे इंदौरी नेता?
- स्टांप ड्यूटी चोरी में जिला पंजीयक नायडू, बिल्डर चुघ और उप पंजीयक सिंह को हाई कोर्ट से झटका, नहीं निरस्त होगी एफआईआर
- आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक इंदौर में, संघ प्रमुख होंगे शामिल
- आईडीए में अफसर बदले, पर नहीं बदला ढर्रा, अब अगर कोई काम हो तो श्यामू जी को कर लीजिए याद
- अपमान का घूंट पीकर भी सुदर्शन गुप्ता की चुनरी यात्रा में पहुंचे विजयवर्गीय, सीएम के आने से पहले ही मार गए कलटी!
एक फोन कॉल से हो जाती है ट्रेंड डील
सुप्रिया श्रीनेत ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो इतने दिनों से नहीं हुआ, वह एक फोन कॉल पर हो जाता है। इसकी घोषणा हमारे प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति करते हैं और हमारे प्रधानमंत्री थैंक्यू, थैंक्यू कहते हैं। उन्होंने कहा कि यह डील देश को आर्थिक रूप से प्रभावित करेगी और अमेरिका तय करेगा कि हमें किससे तेल खरीदना है। उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता। जब राहुल गांधी बोलने खड़े होते हैं, तो कैमरे में केवल लोकसभा स्पीकर को दिखाया जाता है। सरकार सच का सामना नहीं करना चाहती।



