इंदौर के भूमाफियाओं ने बदला अपने काम का पैटर्न, अब पुलिस को साथ लेकर शासन और प्रशासन को दे रहे खुली चुनौती

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इंदौर। शहर के भूमाफियाओं के खिलाफ शासन और प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन पुलिस उसमें पलीता लगाती दिख रही है। सीएम डॉ.मोहन यादव के सख्त निर्देश के बाद जिला प्रशासन तथा अन्य सरकारी विभागों ने कई भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की है। इसका नतीजा यह हुआ कि कुछ सरकारी विभागों के भरोसे बैठे भूमाफियाओं ने अब अपने काम का पैटर्न बदल लिया है। भूमाफिया अब पुलिस को अपना सहयोगी बना अपने काम को अंजाम दे रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि खजराना थाने पर भूमाफियाओं से मिलीभगत के आरोप लगते रहे हैं। यही वजह है कि जब भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई तो खजराना थाने की पुलिस पर प्रशासन को भरोसा नहीं था। इसके बाद केस दर्ज करने से लेकर कार्रवाई क क्राइम ब्रांच की मदद ली गई। अब इस खेल में कनाड़िया थाना भी शामिल हो गया है। हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें अगर उच्च अधिकारी जांच करें तो कनाड़िया टीआई पर कार्रवाई हो सकती है।

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मित्र बंधु नगर में भूमाफियाओं के साथ हो गई पुलिस

प्राप्त जानकारी के अनुसार मित्र बंधु नगर में कुछ गुंडे दो जेसीबी लेकर एक मकान पर पहुंच गए और चौकीदार को पिस्टल के दम पर धमकाया और मकान में तोड़फोड़ कर दी। सूत्र बताते हैं कि यह गुंडे भूमाफिया दीपक मद्दा और हैप्पी धवन के थे। इस दौरान मारपीट भी हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी जब्त कर लिया। दोनों पक्षों की शिकायत पर एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन पुलिस पर आरोप है कि उसने भूमाफियाओं के दबाव में पीड़ित पर भी एफआईआर दर्ज कर ली।

दीपक मद्दा और हैप्पी धवन चाहते हैं कब्जा

सूत्र बताते हैं कि मित्र बंधु नगर से लगी वैभव लक्ष्मी रियल एस्टेट की जमीन है। इसके मालिक हैप्पी धवन और दीपक मद्दा हैं। मेहरबान सिंह और संतोष पांडे का मकान इसी जमीन से लगा हुआ है। दोनों के पास उनकी जमीन की रजिस्ट्री और सारे दस्तावेज हैं। हैप्पी धवन और दीपक मद्दा मकान तोड़कर जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। इसलिए गुंडे भेजकर मकान तुड़वाया।

दीपक मद्दा पर विभिन्न थानों में दर्जनों केस

उल्लेखनीय है कि दीपक मद्दा पर शहर की कई कॉलोनियों में घोटाले के केस दर्ज हैं। अयोध्यापुरी, पुष्प विहार से लेकर हीना पैलेस के अलावा अन्य संस्थाओं की जमीनों में भी उसी ने हेरफेर की है। प्रशांत गृह निर्माण के साथ-साथ त्रिशला गृह निर्माण भी मद्दे के कब्जे में रही। विभिन्न विभागों के फर्जी दस्तावेज बनाने में भी उसे महारत हासिल है। मद्दा ने जमीन घोटाला कर 6.40 करोड़ की संपत्तियां खरीदी। मजदूर पंचायत, देवी अहिल्या श्रमिक कामगार और कल्पतरू सोसायटी में घोटाला किया है।

क्या पुलिस को पता नहीं मद्दा पर लग चुकी है रासुका

यह विडंबना ही है कि जिस दीपक मद्दा पर रासुका लग चुकी है, पुलिस उसका साथ दे रही है। सहकारिता विभाग की शिकायत पर मद्दा के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने कल्पतरू सोसायटी में 4.89 करोड़ रुपए के घोटाले का केस दर्ज किया था। इसी मामले में वह 3 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार हुआ था। इसी बीच ईडी ने भी मनी लांण्ड्रिंग में केस दर्ज कर जेल से ही उसकी सुपुर्दगी ले ली। जब भूमाफिया अभियान चला था तब मद्दा के खिलाफ आधा दर्जन एफआईआर हुई थी। प्रशासन ने रासुका लगाकर उसे जेल भेज दिया था। रासुका रद्द होने के बाद वह बाहर आया लेकिन क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया।

अपर मुख्य सचिव के नाम से बनवाया था फर्जी दस्तावेज

दीपक मद्दा फर्जी दस्तावेज बनवाने में भी माहिर है। उसने तत्कालीन अपर मुख्य सचिव (गृह) डॉ.राजेश राजौरा के फर्जी हस्ताक्षर से रासुका निरस्ती का पत्र बना लिया था। खजराना थाने में उसके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज है। मद्दा के विरुद्ध खजराना थाने में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज हुआ था।डीसीपी जोन-2 संपत उपाध्याय ने रिपोर्ट बनाई थी। उसमें दीपक द्वारा बनाए फर्जी पत्र का खुलासा हुआ था। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मद्दा की तलाश की लेकिन वह फरार हो गया।

टीआई ने कहा-मकान को लेकर हुआ था विवाद

कनाड़िया थाने के टीआई सहर्ष यादव ने बताया कि 29 जनवरी 2026 को थाना कनाड़िया क्षेत्र के अंतर्गत मित्र बंधु नगर में दो पक्षों के बीच लड़ाई हुई थी। मकान निर्माण को लेकर विवाद हुआ था। एक पक्ष का कहना था कि जमीन उसकी है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना था कि यह जमीन उसकी है। इस दौरान जेसीबी के द्वारा निर्माण तोड़ा गया। इसको लेकर लड़ाई हुई। पुलिस मौके पर पहुंची और लड़ाई को रुकवाया। दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। मुख्य रूप से यह यशवंत चौहान की तरफ से अपराध पंजीबद्ध कराया गया है। दूसरे पक्ष की तरफ से मलखान सिंह द्वारा केस दर्ज कराया गया है। इस घटनाक्रम में जो जेसीबी पाई गई थी, उसे भी जब्त किया गया है। यह जो भी अपराध है, नोटिस का अपराध है। मामला प्रारंभिक स्टेज पर है, उसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

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