इंदौर-दाहोद रेल लाइन परियोजना के तहत बन रही टीही टनल में ट्रैक बिछाने का काम अंतिम चरण में है। कुल 2,957 मीटर लंबी इस रेलवे सुरंग में अब केवल 202 मीटर हिस्से में बैलास्टलेस ट्रैक बिछाना बाकी रह गया है।
टीही टनल में ट्रैक बिछाने का शेष कार्य
टीही टनल में ट्रैक बिछाने का काम रेलवे कंस्ट्रक्शन विभाग द्वारा दो पारियों में किया जा रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 50 मीटर ट्रैक बिछाने की गति बनी हुई है। इस दर से काम पूरा होते ही सुरंग में ट्रेन संचालन के लिए आवश्यक ट्रैकिंग पूरी हो जाएगी।
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टनल की लंबाई करीब 3 किलोमीटर है, जो मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी रेलवे सुरंगों में से एक मानी जाती है। इससे पहले कुल 2,755 मीटर ट्रैक बिछा दिया गया है और शेष 202 मीटर पर काम चल रहा है।

विद्युतीकरण और तकनीकी कार्य जल्द पूरा होंगे
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक बिछाने के बाद टीही टनल के विद्युतीकरण समेत अन्य तकनीकी कार्य भी लगभग 25 दिनों में समाप्त कर लिए जाएंगे। इससे सुरंग पूरी तरह से तैयार हो जाएगी और रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा निरीक्षण के लिए प्रस्तुत की जाएगी।
सुरक्षा निरीक्षण के लिए 28 और 29 अक्टूबर को संभावित तिथियां प्रस्तावित हैं, जिनके बाद टनल के ट्रेन संचालन के लिए खोलने की तैयारी तेज होगी।
टनल पूरा होने पर कनेक्टिविटी में सुधार
टीही टनल के पूरा होने से टीही और धार के बीच लगभग 46 किलोमीटर लंबा रेलवे सेक्शन पूरी तरह से खोल जाएगा। इससे यात्रियों को तेज और सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिलेगा।
इसके अलावा, पीथमपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के लिए माल परिवहन में भी बड़ी सुविधा होगी। यह रेल लाइन इंदौर से दाहोद तक के क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों के विकास में मदद करेगी।
परियोजना की पृष्ठभूमि और लागत
इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना का शिलान्यास 18 फरवरी 2008 को हुआ था। यह परियोजना लगभग 201 किलोमीटर लंबी है। समय-समय पर देरी के बावजूद, इस परियोजना की लागत अब 1,680 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र की रेलवे कनेक्टिविटी काफी मजबूत होगी और यात्रियों व व्यापार दोनों को लाभ मिलेगा।
रेलवे सुरक्षा आयुक्त के निरीक्षण की तैयारी
ट्रैक बिछाने और विद्युतीकरण जैसे तकनीकी कार्य पूरा होने के बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) टीही टनल का निरीक्षण करेंगे। यह निरीक्षण ट्रेन संचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है।
प्रस्तावित तिथियों 28 और 29 अक्टूबर को यह निरीक्षण होने की संभावना है, जिसके बाद ही सुरंग को यात्री व मालगाड़ी संचालन के लिए खोलने की अनुमति मिलेगी।
आम जनता और क्षेत्र के लिए फायदे
टीही टनल के पूरा होने से इंदौर-दाहोद मार्ग पर रेल सेवा तेज और सुरक्षित होगी। यात्रियों को कम समय में यात्रा करने का अवसर मिलेगा।
साथ ही, माल परिवहन में भी तेजी आएगी, जिससे स्थानीय उद्योगों को कच्चे माल और उत्पादों की आपूर्ति में सुधार होगा। यह परियोजना क्षेत्र की आर्थिक प्रगति में भी सहायक साबित होगी।



