टोल पर बैरिकेड तोड़कर फरार हुए 3 आरोपी की गिरफ्तारी इंदौर में हुई है। यह कार्रवाई डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) की संयुक्त टीम ने की।
टोल प्लाजा पर बैरिकेड तोड़कर वाहन से भागे आरोपी
मध्य प्रदेश के बांगर स्थित उज्जैन-देवास टोल प्लाजा पर 30 सितंबर 2026 की सुबह डीआरआई और सीबीएन की टीम ने निगरानी शुरू की थी। उन्हें खुफिया सूचना मिली थी कि कर्नाटक रजिस्ट्रेशन नंबर वाली काली महिंद्रा थार कार से प्रतिबंधित साइकोट्रॉपिक ड्रग्स की तस्करी हो रही है। जब टीम ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, तो चालक ने टोल पर लगे बैरिकेड को तोड़ते हुए तेज रफ्तार से भाग निकला।
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डेढ़ घंटे तक पीछा कर इंदौर में तीनों आरोपियों को पकड़ा
टोल पर बैरिकेड तोड़कर फरार हुए 3 आरोपी का डीआरआई और सीबीएन की टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक पीछा किया। अंततः इंदौर के बिचौली मर्दाना क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप के पास संदिग्ध वाहन को घेरकर रोका गया। इस वाहन में सवार तीन आरोपियों, जिनमें एक महिला भी शामिल थी, को गिरफ्तार कर लिया गया।
वाहन से बरामद हुई 7.116 किलोग्राम एम्फेटामाइन
गिरफ्तारी के बाद वाहन की तलाशी ली गई। जांच में पाया गया कि पिछली तरफ लगी स्टेपनी टायर के अंदर 21 पैकेट छिपाकर रखे गए थे। इनमें कुल 7.116 किलोग्राम एम्फेटामाइन मिली, जो एक प्रकार की सिंथेटिक ड्रग है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन ड्रग्स की कीमत लगभग 5.69 करोड़ रुपये आंकी गई है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
मादक पदार्थ की तस्करी में प्रयुक्त थार गाड़ी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों एजेंसियां इस मामले की गहन जांच कर रही हैं ताकि ड्रग तस्करी के नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
साइकोट्रॉपिक ड्रग्स की तस्करी पर कड़ी नजर
साइकोट्रॉपिक ड्रग्स की तस्करी देश में गंभीर समस्या बनी हुई है। इस घटना से पता चलता है कि तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अधिकारियों की सतर्कता और संयुक्त कार्रवाई से ऐसे तस्करों को पकड़ना संभव हो पा रहा है। इससे आम जनता को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचाने में मदद मिलेगी।
आगे की जांच और संभावित कार्रवाई
आगे की जांच में आरोपियों से पूछताछ की जाएगी ताकि उनके साथियों और आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाया जा सके। इसके अलावा, तस्करी के व्यापक नेटवर्क को तोड़ने के लिए और भी छापेमारी की संभावना है। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ प्रभावी कदम साबित हो सकती है।



