प्रयागराज। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर के आदेश की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब इस मामले में न तो मुकदमा दर्ज होगा और न ही कोई कानूनी कार्यवाही चलेगी।
इंदिरा भवन के उद्घाटन पर दिया था बयान
यह मामला पिछले वर्ष कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन के उद्घाटन के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता ने राहुल गांधी के उस बयान को देशद्रोह की श्रेणी में मानते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अब हमारी लड़ाई भाजपा, आरएसएस और खुद ‘इंडियन स्टेट’ से है। इससे पहले, 7 नवंबर 2025 को संभल की चंदौसी कोर्ट ने इस याचिका को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया था। याची ने निचली अदालत के इसी फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे अब उच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा है।
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कोर्ट ने कानूनी आधार का अभाव माना
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 8 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को ओपन कोर्ट में फैसला सुनाते हुए जस्टिस विक्रम डी चौहान ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता की मांग में कानूनी आधार का अभाव है। अदालत के इस रुख से यह साफ हो गया है कि राजनीतिक बयानों में व्यवस्था के विरोध को सीधे तौर पर आपराधिक कृत्य या देशद्रोह के चश्मे से नहीं देखा जा सकता।



