एस जयशंकर और अजित डोभाल ब्रिक्स बैठक में नहीं होंगे शामिल, भारत का नेतृत्व शेरपा करेंगे
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ती तनातनी के चलते विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ब्राजील में होने जा रही ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों और एनएसए की बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। इनकी जगह भारतीय शेरपा इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
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बुधवार को होने वाली इस बैठक में जुलाई में प्रस्तावित ब्रिक्स सम्मेलन के एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाना है। पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक कार्रवाई के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ व्यापक सुरक्षा अभियान भी शुरू कर दिया है। इसके अलावा, अन्य संभावित जवाबी कदमों पर विचार-विमर्श के लिए उच्चस्तरीय बैठकों का सिलसिला लगातार जारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा “गुनहगारों को कल्पना से भी बड़ी सजा” देने की घोषणा के बाद संभावित रणनीतिक कार्रवाई को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, जयशंकर और डोभाल इस समय सुरक्षा हालात की निगरानी और नीति निर्धारण में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन्हीं कारणों से वे 30 अप्रैल को होने वाली ब्रिक्स बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे।
ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों और एनएसए की इस बैठक में जलवायु परिवर्तन, रूस-यूक्रेन युद्ध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट इनिशिएटिव और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होनी है।



