नई दिल्ली। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल से पूछे बिना, मामले का अध्ययन किए बिना ही मनेरगा को अकेले ही समाप्त कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि आज की स्थिति के बारे में पता चलता है कि ‘वन मैन शो‘ चल रहा है। पूरा का पूरा फायदा वही दो–तीन अरबपतियों के लिए है।
राहुल गांधी ने VB-G RAM G योजना पर कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं थी। मनरेगा अधिकार आधारित अवधारणा थी। मनरेगा से देश में करोड़ों लोगों को एक न्यूनतम मजदूरी मिलती थी। मनरेगा पंचायती राज में सीधा राजनीतिक हिस्सेदारी और फाइनेंस सपोर्ट का साधन था। मोदी सरकार अधिकारों के विचार और संघीय ढांचे पर हमला कर रही है। ये प्रत्यक्ष अधिकार आधारित की जो अवधारणा है उस पर आक्रमण है, राज्यों की जो संघीय संरचना है उस पर भी ये आक्रमण है। राज्यों से केंद्र पैसे छीन रहा है। यह सत्ता का केन्द्रीकरण और फाइनेंस का केन्द्रीकरण है। इससे देश को नुकसान होगा, गरीब जनता को नुकसान होगा।
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राहुल गांधी ने कहा कि मुझे बताया गया है कि ये फैसला सीधे तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय से कैबिनेट से बिना पूछे लिया गया है। प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल से पूछे बिना, मामले का अध्ययन किए बिना ही मनेरगा को अकेले ही समाप्त कर दिया। यह राज्यों और गरीब लोगों पर प्रधानमंत्री द्वारा अकेले किया गया एक विनाशकारी हमला है, ठीक उसी तरह जैसे नोटबंदी में हुआ था। इससे आपको आज की स्थिति के बारे में पता चलता है कि ‘वन मैन शो‘ चल रहा है। पूरा का पूरा फायदा वही दो–तीन अरबपतियों के लिए है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा। हम इसका विरोध करेंगे, इसके खिलाफ लड़ेंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि पूरा विपक्ष इस कार्रवाई के खिलाफ एकजुट होगा।



