हरियाणा में एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव का जादू, पांच सीटों पर किया प्रचार, चार आ गई भाजपा के हाथ -हरीश फतेहचंदानी

Date:

AI Audio Companion Ready to stream
0:00
0:00 left

भोपाल। मध्यप्रदेश के सीएम डॉ.मोहन यादव की लोकप्रियता दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। हरियाणा चुनाव ने इसका प्रमाण भी दे दिया है। हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सीएम यादव को पांच सीटों पर चुनाव प्रचार के लिए भेजा था। इनमें से चार सीट भाजपा के हाथ आ गई है। इन सभी सीटों पर सीएम यादव ने ताबड़तोड़ रैलियां की थी और भाजपा के कामकाज, भाजपा में छोटे कार्यकर्ताओं और यादव समाज का महत्व बताया था। इतना ही नहीं सीएम यादव जम्मू-कश्मीर की जिस एक सीट पर प्रचार करने गए, वहां भी कमल ही खिला है।

उल्लेखनीय है कि सीएम यादव को हरियाणा की पांच सीटों की कमान दी गई थी। ये सीटें थीं दादरी, भिवानी, भवानी खेरा, झज्जर और तोशाम। इनमें से झज्जर सीट छोड़ छोड़कर बाकी 4 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों को जीत मिली है। भिवानी विधानसभा में घनश्याम सर्राफ, दादरी विधानसभा में सुनील सतपाल सांगवान, तोशाम विधानसभा में श्रुति चौधरी और बवानी खेड़ा विधानसभा क्षेत्र से कपूर सिंह विजयी हुए हैं।

ओबीसी वोट बैंक पर चला मोहन मैजिक

उत्तरप्रदेश, बिहार की तरह हरियाणा में भी जातिगत समीकरण ही चलते हैं। हरियाणा में शुरू से ही जाट और पिछड़ी जातियां और अनुसूचित जातियों का समीकरण काम आता रहा है। हालांकि जाटों में भाजपा की उतनी पकड़ नहीं बताई जाती, लेकिन अन्य पिछड़ी जातियों और अहीरलवाल समाज का झुकाव भाजपा की तरफ हुआ है। सीएम यादव को इन्हीं क्षेत्रों में समीकरण साधने के लिए भेजा गया था और वे इसमें सफल रहे। अपने भाषणों में भी उन्होंने इस समाज को यह बताने की कोशिश की थी कि भाजपा ने उन्हें कितना महत्व दिया है। निश्चित तौर पर भाजपा के पास इस समय मध्यप्रदेश के सीएम यादव के अलावा कोई बड़ा और लोकप्रिय यादव नेता नहीं है।

जम्मू में एक सीट पर किया प्रचार, वह भी ले आए

सीएम यादव जम्मू-कश्मीर में सिर्फ सांबा विधानसभा सीट पर प्रचार करने गए थे और यह सीट भी भाजपा की झोली में आ गई। इस विधानसभा भाजपा के उम्मीदवार सुरजीत सिंह सलाथिया को जीत मिली है। खास बात यह कि यहां कि यहां दूसरे नंबर पर निर्दलीय उम्मीदवार ने कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस चौथे नंबर पर रही। निश्चित तौर पर आने वाले विधानसभा चुनावों में सीएम यादव की भूमिका अब और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

राम-रावण युद्ध से पहले वाराणसी में हाथी ने मचाया उत्पात, रामलीला रुकी पहली बार

वाराणसी की रामलीला में हाथी के उत्पात से राम-रावण युद्ध का मंचन पहली बार रुका। यह घटना 1971 और कोरोना के बाद तीसरी बार हुई स्थगन है।

कान्हा में CDV वायरस से मादा बाघ शावक की मौत, अब तक 9 बाघ हुए संक्रमित

कान्हा में CDV वायरस से मादा बाघ शावक की मौत हो गई है। अब तक नौ बाघ इस संक्रमण से प्रभावित हुए हैं। वन विभाग उपचार में जुटा है।

पुणे में डेंगू के 2,000 से ज्यादा केस, सालभर क्यों बना रहता है खतरा?

पुणे में डेंगू के 2,000 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। यह खतरा सालभर क्यों बना रहता है, इसके कारण और उपाय जानिए।

प्रभास की ‘स्पिरिट’ दिवाली 2027 में रिलीज, रणबीर की ‘रामायण 2’ से होगी टक्कर

प्रभास की 'स्पिरिट' की नई रिलीज डेट दिवाली 2027 तय हुई है। यह फिल्म रणबीर कपूर की 'रामायण: पार्ट 2' से टकराएगी। उत्साह और टकराव दोनों हैं।

राहुल गांधी बोले- मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार को न्याय का सामना करना होगा

राहुल गांधी ने गोवा में मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार को वोट चोरी के लिए न्याय के सामने आने की चेतावनी दी। उन्होंने कांग्रेस को संविधान का रक्षक बताया।

इंदौर की सिसासत में अब ‘पंच’ की एंट्री, सुदर्शन गुप्ता की चुनरी यात्रा में दिखे नए राजनीतिक समीकरण

इंदौर में सुदर्शन गुप्ता की चुनरी यात्रा ने नए राजनीतिक समीकरण बनाए हैं। भाजपा के अंदर पंच की ताकत बढ़ती दिख रही है।

IIT BHU में खुल रहा देश का पहला ‘स्कूल ऑफ फिजिकल AI’, बनेगी रोबोट मशीनें

IIT BHU में स्कूल ऑफ फिजिकल AI खुल रहा है। यह स्कूल AI आधारित रोबोटिक्स और स्मार्ट मशीनों के विकास पर केंद्रित होगा। 2027 से बी.टेक शुरू होगा।

कोलकाता भगदड़: शुभेंदु अधिकारी ने हाई-लेवल जांच कमेटी का गठन किया

कोलकाता भगदड़ की घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सुरक्षा समीक्षा के लिए हाई-लेवल जांच कमेटी बनाई है। इस कमेटी का नेतृत्व राजेश सिन्हा कर रहे हैं।

माजलगांव में एसटी बस से कार टकराई, 5 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत

माजलगांव में एसटी बस से कार टकराई, जिसमें पांच श्रद्धालुओं की मौत हुई। सड़क की खराब स्थिति को हादसे का कारण माना जा रहा है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग, दिल्ली में प्रदर्शन तेज हुए

अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं। परिजन और विपक्ष ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग की।