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भोपाल। लगातार हार के बाद भी कांग्रेस में गुटबाजी खत्म होती नजर नहीं आ रही। प्रदेश कांग्रेस को नए प्रभारी मिले हैं, जिन्होंने भोपाल आकर सबको अनुशासनहीनता का पाठ भी पढ़ाया था। पटवारी ने भी जुबान पर काबू रखने की बात कही थी, लेकिन प्रभारी के जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर आज किसी ने एक पर्चा लगा दिया है। इस पर्चे में पटवारी पर जमकर निशाना साधा गया है और सिंघार को भी लपेटने की कोशिश की गई है।
पर्चे में सबसे ऊपर लिखा– प्रभारी महोदय आपने भगवान महादेव का उदाहरण दिया था, लेकिन आप यह बात जीतू पटवारी को समझाएं कि वे उसका पालन करें। पटवारी को लेकर उठाए गए सवालों के बाद अंत में लिखा है- अध्यक्ष के इस कृत्य से संगठन कागजों और मीटिंग ठीक हो जाएगी, लेकिन सरकार बनाने का भूल जाएं। पर्चा लिखने वाले ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के लिए एक प्वाइंट लिख छोड़ा है।
पटवारी के लिए लिखे चार प्वाइंट
–उपाध्यक्ष और महासचिव सिर्फ दिखावे के हैं लेकिन, उन पर विश्वास नहीं करते। सारे काम अपने ही साथियों से कराते हैं।
–सबको साथ लेकर चलने की बात करते हैं, लेकिन किसी पर विश्वास नहीं करते। पुरानी दो–चार लोगों की मंडली युवा कांग्रेस और एनएसयूआई की तरह पीसीसी का संचालन करना चाहती हैं। वरिष्ठ नेताओं से कोई संपर्क नहीं रखते। खासकर दो लोग।
–प्रदेश प्रभारी के कल के कार्यक्रम में सबने देखा होगा कि किस प्रकार मंच संचालन, कार्रवाई की व्यवस्था प्रियव्रत सिंह और संजय कामले दिखाने के लिए कर रहे थे, लेकिन ये लोग कार्यक्रम में नाम मात्र के लिए पुतले की तरह बैठे थे। अंदर से सारा काम विपिन वानखेडे़, कुणाल चौधरी और उनकी पूरी टीम कर रही थी। कमेटियों में न होने के बाद भी ये हर बैठक में उपस्थित रहते हैं।
–मीडिया अध्यक्ष वरिष्ठ नेता को बना रखा है। लेकिन, सारा काम कोई और कर रहा है। इसी तरह की प्रणाली सभी विभागों में चल रही है।
नेता प्रतिपक्ष के लिए सिर्फ एक प्वाइंट
इनके साथ विधायक तो दिखते हैं, लेकिन ये राजा साहब से दूरी बनाए रखते हैं। इनको भी समझना पडे़गा।



