मध्य प्रदेश में 7 शहरों में 351 बसों की सुगम परिवहन सेवा आज से शुरू हो गई है। इस नई पहल का नाम है मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा, जिसका उद्देश्य प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर और सुरक्षित बस सेवा से जोड़ना है।
भोपाल में CM मोहन यादव और नितिन गडकरी ने किया शुभारंभ
25 सितंबर 2026 को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने संयुक्त रूप से इस सेवा की शुरुआत की। उन्होंने 351 नई इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह सेवा मध्य प्रदेश में 21 वर्षों के बाद राज्य सरकार द्वारा संचालित बस सेवा की वापसी को दर्शाती है।
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मध्य प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों में बस सेवा का विस्तार
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत कुल 351 बसें सात शहरों—इंदौर (145 बसें), भोपाल (106 बसें), जबलपुर (67 बसें), रीवा (18 बसें), देवास (10 बसें), कटनी (3 बसें) और भिंड (2 बसें)—से संचालित होंगी। इस पहल से प्रदेश के यात्री अब बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ उठा सकेंगे।
ग्राम पंचायतों तक पहुंचाने का लक्ष्य
इस योजना का खास मकसद ग्रामीण और शहरी इलाकों के बीच संपर्क को बढ़ाना है। सरकार ने 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन में सुविधा और समय की बचत होगी।

आधुनिक तकनीक से लैस बसें, सुरक्षा पर विशेष ध्यान
नई बसों में पैनिक बटन, जीपीएस आधारित लाइव ट्रैकिंग जैसी आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं दी गई हैं। इसके अलावा, पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों का इस्तेमाल किया जाएगा। चालक विशेष प्रशिक्षण से लैस हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सेवा मिल सके।
2031 तक प्रदेश में 15,000 बसों का रोडमैप
सरकार का लक्ष्य है कि 2031 तक प्रदेश में कुल 15,000 बसें संचालित की जाएं। पहले वर्ष में 1,500 बसें चलाई जाएंगी। उसके बाद हर साल 2,500 से 3,000 नई बसें बेड़े में जोड़ी जाएंगी। इससे परिवहन का दायरा और भी व्यापक होगा।
यात्रियों और प्रदेश के लिए यह सेवा क्यों महत्वपूर्ण है?
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से आम जनता को किफायती और भरोसेमंद यात्रा सुविधा मिलेगी। यह सेवा खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी जो रोजाना काम, शिक्षा या स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शहर और गांव के बीच आवागमन करते हैं। इसके अलावा, यह योजना प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी।



