-नितिन जैन, चीफ रिपोर्टर
इंदौर। नगर निगम परिषद के सम्मेलन में गुरुवार को एक तिहाई से अधिक बहुमत से अनवर कादरी की पार्षदी खत्म करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। कादरी पर लव जिहाद के लिए फंडिंग करने का आरोप है। कांग्रेसी पार्षदों इस प्रस्ताव का जबरदस्त विरोध किया और नारेबाजी करते हुए वॉकआउट कर गए।
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उल्लेखनीय है कि पार्षद अनवर कादरी पर लव जिहाद के लिए फंडिग करने के आरोप के बाद उस पर केस दर्ज हुआ था। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने तत्कालीन संभागायुक्त दीपक सिंह कौ कादरी की पार्षदी खत्म करने के लिए पत्र भी लिखा था। संभागायुक्त ने पुलिस से प्रतिवेदन भी मंगाया था, लेकिन यह कार्रवाई अपने अंजाम तक नहीं पहुंच पाई। तब तक दीपक सिंह का इंदौर से तबादला भी हो गया। कादरी की पार्षदी खत्म नहीं होने से भाजपा की किरकिरी भी हो रही थी कि अपनी ही सरकार में वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। इसके बाद निगम परिषद सम्मेलन में यह प्रस्ताव लाया गया। इसका कांग्रेस पार्षदों ने जमकर विरोध किया, लेकिन भारी हंगामे के बीच यह प्रस्ताव एक तिहाई से अधिक बहुमत से पास हो गया।
चंदन नगर कांड में घिरे निगमायुक्त
पिछले दिनों चंदन नगर में बिना निगम की अनुमति के सड़कों, गलियों आदि के नाम बदल दिए गए थे। जब भाजपा ने हंगामा मचाया तो निगम के कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई भी हुई थी और बोर्ड हटवाया गया, लेकिन उन कर्मचारियों को फिर से बहाल कर दिया गया है। इस पर भाजपा पार्षद महेश चौधरी ने निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव से सवाल पूछे, जिसका जवाब वे ठीक से नहीं दे पाए। भाजपा पार्षद ने पूछा कि दोषी कर्मचारियों को 20-22 दिन में बहाल क्यों कर दिया। तब निगमायुक्त ने कहा कि बहाल करने में समय की कोई सीमा नहीं होती, सेम डे भी बहाली की जा सकती है। फिर पार्षद ने पूछा कि जब जांच चल रही है कि तो कैसे बहाल कर दिया। इसका जवाब भी निगमायुक्त नहीं दे पाए, तब सभापति ने कहा कि सात दिन में मामले में जांच कर हमें बताएं।
सड़कों के गड्ढों को लेकर विपक्ष हमलावर
परिषद सम्मेलन में विपक्षी पार्षद कई मुद्दे लिखे तख्तियां भी लेकर आए थे। सड़कों के गड्ढों को लेकर भी विपक्ष हमलावर दिखा। पार्षद राजू भदौरिया ने महात्मा गांधी की तस्वीर सदन में नहीं लगाए जाने पर आपत्ति ली। उन्होंने राजवाड़ा पर हुई कैबिनेट बैठक के दौरान लगाए गए विज्ञापन, भोज पर सवाल उठाया। पार्षद फौजिया शेख अलीम ने बीआरटीएस को तोड़ने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि डिवाइडर तोड़े क्यों जा रहे है। जनता के पैसे की फिजूलखर्ची क्यों की जा रही है। सम्मेलन में चौराहें पर गर्मी में लगी ग्रीन नेट का मुद्दा भी उठा। कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि नेट के आंधी में उड़ने की घटनाएं हुई। उसमें एक महिला की मौत हो गई। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए पार्षद योगेश गेंदर को कांग्रेस पार्षद भदौरिया ने गद्दार बोल दिया तो वे नाराज हो गए और सभापति की आसदी तक पहुंच गए और कहा कि भदौरिया पर रासुका लगी है। अपराधी भी पार्षद बन गए हैं।



