भोपाल। राजधानी भोपाल के ऐशबाग रेलवे ओवर ब्रिज पूरे देश में छाया रहा। 90 डिग्री मोड़ वाले इस ब्रिज की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई। आज भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम डॉ.मोहन यादव ने कहा कि इसे दुरुस्त कर ही इसका लोकार्पण करेंगे। जिसकी गलती होगी, उसे सजा भी देंगे।
सीएम यादव ने कहा कि यह ब्रिज 2022 से बन रहा था। मेरे आने के बाद तो उसका अभी लोकार्पण भी नहीं हुआ। अगर निर्माण में कोई भी गलती होती है तो वो दुरुस्त हो सकता है। हमने कहा कि उसे दोबारा से दुरुस्त करवाओ। सीएम ने कहा कि यही तो लोकतंत्र की खूबसूरती है। लोगों ने बताया तो सुधरवा लेंगे। अगर गलती हो गई है तो उसपर काम होगा, हम भगवान तो है नहीं, इंजीनियर से गलती हो गई, ठेकेदार से गलती हो गई, अगर जिससे गलती हुई है तो उसे सजा भी दे देंगे।
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उल्लेखनीय है कि ऐशबाग आरओबी अपने 90 डिग्री एंगल के मोड़ से पूरे देश में सुर्खियों में बना हुआ है। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने भी इसकी जांच कराई। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने इसकी जांच की। इंजीनियरों ने भी 90 डिग्री का टर्निंग होने से बड़ा हादसा होने की संभावना जताई। अब उन लोगों को चिंह्नित किया जा रहा है, जो ब्रिज को बनाने के जिम्मेदार हैं। इसकी टर्निंग भी सही की जा रही है।
टर्निंग देख हंसी उड़ा रहे हैं लोग
सोशल मीडिया पर लंबे समय से यह ब्रिज छाया रहा। इस पर मीम्म भी बने और लोगों ने उस इंजीनियर के दिमाग को दाद दी, जिसने इसे 90 डिग्री का मोड़ दिया। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यहां वाहन कैसे टर्न लेंगे। टर्न लेते समय वाहनों के ब्रिज की दीवार से टकराने का खतरा है।
रेलवे ने भी डिजाइन पर ली थी आपत्ति
इस ब्रिज का निर्माण मई 2022 में शुरू हुआ था और इसे 18 महीने में पूरा करना था, लेकिन अब तक पूरी तरह से नहीं बन सका है। इसकी लागत 18 करोड़ रुपए है। 648 मीटर लंबे और 8 मीटर की चौड़ाई वाले ब्रिज का 70 मीटर हिस्सा रेलवे का है। शुरू में रेलवे ने भी इसकी डिजाइन पर आपत्ति उठाई थी, लेकिन पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने यहां जगह कम होने का हवाला देते हुए कहा था कि और कोई विकल्प नहीं है। ऐशबाग रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के बाद इस इलाके के लिए आरओबी एक बड़ी जरूरत है। इसलिए कम जगह में भी इसे बनाना होगा।



