पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने भोपाल वेस्टर्न बायपास परियोजना को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इस परियोजना के भूमिपूजन को रोकने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। दीपक जोशी की यह मांग भोपाल वेस्टर्न बायपास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण और विवादित मुद्दों के कारण उठी है।
भोपाल वेस्टर्न बायपास परियोजना का विस्तार
भोपाल वेस्टर्न बायपास एक चार लेन की सड़क परियोजना है, जिसकी लंबाई लगभग 31.61 किलोमीटर है। यह बायपास मिसरोद-रतनपुर मार्ग से शुरू होकर कोलार, रातीबड़ और फंदा कलां होते हुए भोपाल-देवास मार्ग से जुड़ता है। इसका उद्देश्य जबलपुर और बैतुल से इंदौर की ओर जाने वाले वाहनों को भोपाल शहर के अंदर प्रवेश किए बिना वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना है। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹3,225.51 करोड़ आंकी गई है।
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पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
दीपक जोशी ने आरोप लगाया है कि इस परियोजना के लिए नियुक्त कंसल्टेंट ने डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने के दौरान भारी रिश्वत ली। उन्होंने कहा कि कंसल्टेंट फर्म ‘एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड’ ने बायपास को इस तरह डिज़ाइन किया जिससे कुछ रसूखदार नेताओं और अधिकारियों की जमीनों को अनावश्यक लाभ हो। यह आरोप परियोजना की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं।
पर्यावरणीय नुकसान और बड़े तालाब को खतरा
पूर्व मंत्री ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी शिकायत में कहा है कि भोपाल वेस्टर्न बायपास परियोजना से शहर के ऐतिहासिक बड़े तालाब, स्थानीय जंगल और पर्यावरण को भारी नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए परियोजना के मार्ग में संशोधन आवश्यक है। पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से यह चिंता महत्वपूर्ण है।
प्रशासन ने टेंडर रद्द कर संशोधन के निर्देश दिए
दीपक जोशी की शिकायत और हुजूर विधानसभा के विधायक रामेश्वर शर्मा की आपत्तियों के बाद प्रशासन ने परियोजना के मूल टेंडर को रद्द कर दिया। इसके बाद नई डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए ताकि सरकारी जमीन और मुआवाजे के खर्च में लगभग ₹20 करोड़ की बचत हो सके। यह कदम परियोजना के पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन के लिए अहम माना जा रहा है।
दीपक जोशी का राजनीतिक अनुभव और भूमिका
दीपक जोशी मध्य प्रदेश के तीन बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने बागली और हाटपीपल्या से चुनाव जीते और कैबिनेट मंत्री के पद पर भी कार्य किया। वे पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाश जोशी के पुत्र हैं। उनके राजनीतिक अनुभव और क्षेत्रीय समझ ने उन्हें इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया है।
भोपाल वेस्टर्न बायपास का आम जनता पर प्रभाव
यदि परियोजना को बिना संशोधन के लागू किया गया तो भोपाल के पर्यावरण और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, इस बायपास से ट्रैफिक जाम कम होने की संभावना है, लेकिन भ्रष्टाचार और पर्यावरणीय नुकसान की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए, परियोजना के सही और पारदर्शी क्रियान्वयन की आवश्यकता है।



