कोटद्वार में व्यापारियों को धमकाने के आरोप में दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद दीपक’ की गिरफ्तारी ने स्थानीय प्रशासन और व्यापार मंडल में हलचल मचा दी है। इस मामले में आरोपी पर सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर एक व्यापारी से विवाद के बाद मारपीट और धमकी देने का आरोप लगा है।
कोटद्वार में व्यापारियों को धमकाने के आरोप में गिरफ्तारी
1 अक्टूबर 2026 को कोटद्वार पुलिस ने दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद दीपक’ को गिरफ्तार कर लिया। वह स्थानीय जिम संचालक है और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहा है। इस गिरफ्तारी का कारण दीपक द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो को लेकर हुई विवादित बातचीत थी।
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दीपक के इस वीडियो पर राधिका गारमेंट्स के संचालक संजीव टांक उर्फ बबलू ने एक टिप्पणी की, जिससे दीपक नाराज हो गया। इसके बाद दीपक 1 अक्टूबर को संजीव की दुकान पर पहुंचा और दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।

व्यापारी के साथ गाली-गलौज और मारपीट का आरोप
संजीव टांक का आरोप है कि दीपक ने उनके साथ गाली-गलौज की और हाथापाई भी की। दीपक ने उन्हें गंभीर धमकी भी दी। यह पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।
इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष फैल गया। उन्होंने कोतवाली पहुंचकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने से रोकने के लिए धरना दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और धरना समाप्त
व्यापारी संजीव टांक की लिखित शिकायत पर पुलिस ने दीपक कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया।
इसके बाद एएसपी के आश्वासन पर व्यापारियों ने अपना धरना समाप्त किया। पुलिस ने कोटद्वार कोतवाली और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

मोहम्मद दीपक का पुराना विवाद भी सामने आया
यह पहली बार नहीं है जब दीपक कुमार विवादों में आए हैं। जनवरी-फरवरी 2026 में उन्होंने कोटद्वार के एक मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में दक्षिणपंथी संगठनों से भिड़ंत की थी।
उस घटना के बाद मार्च 2026 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने दीपक को सोशल मीडिया पर अनुचित पोस्ट से बचने की सलाह दी थी। यह बात इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है।
सोशल मीडिया पोस्ट से विवाद का बढ़ना और राजनीतिक हलचल
मोहम्मद दीपक द्वारा उज्जैन में मस्जिद तोड़ने के मामले पर सोशल मीडिया पोस्ट ने स्थानीय माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।
इस पोस्ट के कारण उन्होंने स्थानीय व्यापारी से विवाद किया जो पत्थरबाजी का जिक्र कर रहा था। यह सामाजिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामला बन गया है।
आम जनता और व्यापारियों पर संभावित प्रभाव
इस घटना से कोटद्वार के व्यापारिक माहौल में अस्थिरता आई है। व्यापारियों में भय की भावना बढ़ी है और सामाजिक सौहार्द पर असर पड़ सकता है।
पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की है, लेकिन ऐसे विवाद से क्षेत्र की छवि प्रभावित हो सकती है।



