इंदौर। भाजपा में कांग्रेस से आयातित नेताओं का दबदबा बढ़ता जा रहा है। मंत्रिमंडल में पद मिलने के बाद अब संगठन में भी इनकी नियुक्तियां हो रही है। 2 जुलाई को भूपेंद्र चौहान के भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का इंदौर अध्यक्ष बनाया गया। इसका पार्टी में जमकर विरोध शुरू हो गया है। यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके कहने पर यह नियुक्ति हुई है?
उल्लेखनीय है कि भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह परमार ने 2 जुलाई गुरुवार को तीन जिलों मे नियुक्तिया की थीं। दिनेश भारती को भापाल नगर, देवकी नंदन गंधर्व को छतरपुर तथा भूपेंद्र चौहान को इंदौर नगर का अध्यक्ष बनाने की घोषणा की गई। इसके बाद से ही इंदौर भाजपा में बवाल मच गया।
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राहुल गांधी के साथ कई फोटो
बताया जाता है कि भूपेंद्र चौहान हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में आए हैं। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भपेंद्र कांग्रेस में सक्रिय थे और अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर राहुल गांधी के साथ फोटो भी लगाया था। बताया जाता है कि भूपेंद्र चौहान कांग्रेस के पूर्व पार्षद भी रहे हैं।
सोशल मीडिया पर उभरे विरोध के स्वर
भूपेंद्र चौहान के अध्यक्ष बनने के बाद सोशल मीडिया पर भी जमकर विरोध शुरू हो गया है। भाजपा कार्यकर्ता दीपक वर्मा ने एक लंबा चौड़ा पोस्ट सोशल मीडिया पर लिखा। वर्मा ने इसे भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा सहित कई नेताओं को टैग भी किया है।
जरा दीपक वर्मा की पोस्ट पढ़ लीजिए
वर्षों से #भाजपा की विचारधारा के लिए #संघर्ष करने वाले #समर्पित_कार्यकर्ताओं की अनदेखी और हाल ही में #दूसरी_पार्टी से आए व्यक्ति को जिम्मेदारी देना-यह निर्णय अनेक #कार्यकर्ताओं के मन में प्रश्न खड़े करता है।”
#विरोध किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि उस #सोच से है जो #वर्षों_से_संगठन के लिए #समर्पित_कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करती है। यदि वास्तव में वर्षों तक भाजपा की विचारधारा के लिए #संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं_को_दरकिनार कर हाल ही में #दूसरी_पार्टी_से_आए_व्यक्ति को इतनी #बड़ी_जिम्मेदारी दी जाती है, तो स्वाभाविक है कि #समर्पित_कार्यकर्ताओं के मन में प्रश्न उठेंगे।
#भाजपा_की_असली_ताकत उसके #निष्ठावान_कार्यकर्ता हैं। उनके त्याग, समर्पण और संघर्ष का सम्मान होना चाहिए। संगठनात्मक निर्णय ऐसे हों जो कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएँ, न कि उन्हें निराश करें। समर्पण का सम्मान हो, कार्यकर्ता का स्वाभिमान सुरक्षित रहे।
#जय_भीम #जय_संविधान
आखिर कौन है जो करा रहा ऐसी नियुक्ति
इंदौर के भाजपा नेताओं का सवाल है कि आखिर कौन है जो पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर ऐसी नियुक्ति करा रहा है? वह कौन विधायक है, जिसने भूपेंद्र चौहान के नाम की सिफारिश की? पार्टी नेताओं का कहना है कि आलाकमान को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।
पैसे के लेनदेन के भी लग रहे आरोप
भाजपा नेताओं का कहना है कि इस तरह की नियुक्तियां पैसे के दम पर हो रही है। नेताओं ने कहा कि इस नियुक्ति में भी लेनदेन की बात सामने आई है। अब आलाकमान को इस पूरे मामले की जांच करना चाहिए और उस नेता का नाम उजागर करना चाहिए, जिसने यह नियुक्ति कराई है।
गिर रहा है कार्यकर्ताओं का मनोबल
भाजपा में ऐसी नियुक्तियों से पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है। ऐसे कई मौके आए हैं, जब भाजपा के पुराने जमीनी कार्यकर्ताओं को छोड़ कांग्रेस से हाल ही में आए नेताओं की नियुक्तियां कर दी गई हैं। इंदौर भाजपा के नेताओं का कहना है कि जो कार्यकर्ता लंबे समय से जमीन पर पार्टी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उनकी अनदेखी कर पार्टी उनके साथ अन्याय कर रही है। अब देखना होगा कि इस विरोध की आवाज भाजपा आलाकमान तक पहुंच पाती भी है या नहीं।



